Mathura Temples

Shri Rang Nath Ji Temple Vrindavan

श्री रंग नाथ जी मंदिर वृंदावन

वृन्दावन स्थित दक्षिण भारतीय शैली पर निर्मित ब्रज के प्रमुख श्री रंग मंदिर में श्री गोदरंगमनार भगवान राधा और कृष्ण के रूप में विराजमान हैं। इस मंदिर का निर्माण मथुरा के सेठ श्री लक्ष्मी चंद, […]

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Mansi Ganga Kund Govardhan

मानसी गंगा गोवर्धन

मानसी गंगा गोवर्धन गाँव के बीचो बीच में स्थित है। परिक्रमा करने के मार्गे में दायीं और पड़ती है और पूंछरी से लौटने पर बायीं और इसके दर्शन होते हैं।

जिस समय गोवर्धन गिरिराज जी महाराज जी […]

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Puchri ka Lota Temple Govardhan

पूंछरी का लोठा मंदिर गोवर्धन

श्रीकृष्ण के श्रीलोठाजी नाम के एक मित्र थे। श्रीकृष्ण ने द्वारिका जाते समय लौठाजी को अपने साथ चलने का अनुरोध किया। इसपर लौठाजी बोले- हे प्रिय मित्र ! मुझे ब्रज त्यागने की कोई इच्छा नहीं हैं।परन्तु […]

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Krishna Balaram Mandir, Iskcon Temple Vrindavan

इस्कॉन मंदिर वृंदावन

इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शसनेस की स्थापना भक्तिवेदांत स्वामी श्री प्रभुपाद द्वारा व्यक्तिगत रूप से 1975 में की गई थी। इस्कॉन मंदिर का उद्देश्य मानव जाति की सामान्य भलाई के उत्थान के लिए है। यह पवित्र भगवद गीता […]

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Shri Gopeshwar Mahadev Temple Vrindavan

श्री गोपेश्वर महादेव मंदिर वृन्दावन

भगवान् शिव से बड़ा कोई श्री विष्णु का भक्त नहीं, और भगवान् विष्णु से बड़ा कोई श्री शिव का भक्त नहीं है। इसलिए भगवान् शिव सबसे बड़े वैष्णव और भगवान विष्णु सबसे बड़े शैव कहलाते हैं।

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Mor Kutir Temple Barsana

मोर कुटीर मंदिर बरसाना

बरसाने के पास एक छोटा सा स्थान है मोर-कुटीर। मोर कुटीर मंदिर लाल ईंटओ से बनाया गया है। जिसमें खिड़किया नहीं है। मोर कुटीर मंदिर, कुशाल बिहारी मंदिर और लाडली जी के मंदिर के नजदीक है। मोर […]

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Shri Garud Govind Ji Temple Vrindavan

प्रभु श्री गरुण गोविन्द जी मंदिर वृंदावन

अदभुत अद्वितीय प्रभु श्री गरुण गोविन्द जी के कल्याण कारी दर्शन, मथुरा से दिल्ली जाते समय राष्ट्रीय राजमार्ग 2 पर पड़ने वाले छटीकरा के पास ही गरूड़ – गोविन्द श्रीकृष्ण की विहार स्थली […]

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Adi Varah Bhagwan Temple Mathura

श्री वराह जी अवतार

पृथ्वी के उद्धार के लिए हुआ श्री वराह जी अवतार। अनँत भगवान ने प्रलय के जल मे डूबी हुई पृथ्वी का उद्धार करने के लिए वराह-शरीर धारण किया। कहा जाता है कि एक दिन स्वायम्भुव महर्षि मनुजी […]

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Kokilavan Shani Dev Mandir

कोकिला वन का शनिदेव मंदिर सिद्ध क्यों कहलाता है?

द्वापरयुग में बंसी बजाते हुये एक पैर पर खडे़ हुये भगवान श्रीकृष्ण ने शनिदेव की पूजा-अर्चना से प्रसन्न होकर उन्हें दर्शन दिये और कहा कि नंदगांव से सटा “कोकिला वन” उनका वन […]

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Shri Rangeshwar Mahadev Temple

क्यों कहलाये शिव जी रंगेश्वर महादेव

मथुरा के दक्षिण में श्री रंगेश्वर महादेव जी क्षेत्रपाल के रूप में अवस्थित हैं। कंस ने श्री कृष्ण और बलदेव को मारने का षड़यन्त्र कर इस तीर्थ स्थान पर एक रंगशाला का निर्माण करवाया। अक्रूर […]

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Shri Radhavallabh Lal Mandir Vrindavan

श्री राधावल्लभ लाल मंदिर वृंदावन

श्री राधावल्लभ लाल जी का मंदिर वृंदावन के अति प्राचीन मंदिरों में से एक है।

स्थापना – हरिवंश महाप्रभु 31 वर्षो तक देववन में रहे । अपनी आयु के 32 वें वर्ष में उन्होंने दैवीय प्रेरणा से […]

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Shri Mohini Bihari Ji Tatiya Sthan Vrindavan

श्रीमोहिनी बिहारी जी तटिया या टटिया स्थान

स्थान – श्री रंग जी मंदिर के दाहिने हाथ यमुना जी के जाने वाली पक्की सड़क के आखिर में ही यह रमणीय टटिया स्थान है। विशाल भूखंड पर फैला हुआ है, किन्तु कोई दीवार, […]

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Sri Madan Mohan Temple Vrindavan

चटोरे मदनमोहन

सनातन गोस्वामी जी मथुरा में एक चौबे जी के घर मधुकरी के लिए जाया करते थे। उन चौबे की स्त्री परमभक्त और मदन मोहन जी की उपासिका थी, उनके घर बाल भाव से मदन मोहन भगवान विराजते थे। असल […]

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Prem Mandir Vrindavan

प्रेम मंदिर वृंदावन

प्रेम मंदिर वृंदावन, जिला मथुरा, उत्तर प्रदेश में स्थित है। प्रेम मंदिर का निर्माण जगद्गुरु श्री कृपालु महाराज द्वारा भगवान कृष्ण और राधा रानी के मन्दिर के रूप में करवाया गया है। प्रेम मंदिर की सुन्दरता देखते ही […]

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Kusum Sarovar Govardhan

कुसुम वन सरोवर

कुसुम सरोवर एक एतिहासिक स्थान है जो गोवर्धन, जिला मथुरा, उत्तर प्रदेश में स्थित है। कुसुम वन सरोवर पवित्र गोवर्धन परिक्रमा मार्ग में स्थित है। यह गोवर्धन से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर है।

यहां के प्राचीन सरोवर […]

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Shri Radha Damodar Temple Vrindavan

श्रीराधादामोदर मन्दिर वृन्दावन

श्रीराधादामोदर मन्दिर की स्थापना रूप गोस्वामी के शिष्य जीव गोस्वामी ने संवत 1599 माघ शुक्ला दशमी तिथि को की थी। मंदिर में छह गोस्वामियों, रूप गोस्वामी, सनातन गोस्वामी, भक्त रघुनाथ, जीव गोस्वामी, गोपाल भट्ट और रघुनाथ दास ने […]

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Nidhivana Vrindavan

निधिवन वृन्दावन

कहा जाता है की निधिवन की सारी लताये गोपियाँ है। जो एक दूसरे कि बाहों में बाहें डाले खड़ी है जब आधी रात में निधिवन में राधा रानी जी, बिहारी जी के साथ रास लीला करती है। तो वहाँ […]

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Govind Devji Temple

गोविन्द देव जी मंदिर

गोविन्द देव जी मंदिर वृंदावन का निर्माण ई. 1590 (सं.1647) में हुआ। यह मदिर श्री रूप गोस्वामी और सनातन गुरु, श्री कल्यानदास जी के देख रेख में हुआ। श्री गोविन्द देव जी मंदिर का पूरा निर्माण का […]

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Shri Radha Raman Temple Vrindavan

श्री राधारमण मन्दिर वृन्दावन

श्री राधारमण मन्दिर वृन्दावन के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। श्री राधारमण मन्दिर में श्री गोपालभट्ट गोस्वामी जी के पूज्यनीय ठाकुर हैं। इस मंदिर में श्री राधारमण जी के ललित त्रिभंगी मूर्ति के दर्शन हैं। मान्यता […]

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Pagal Baba Temple

पागल बाबा मंदिर

एक पंडितजी थे वो श्रीबांके बिहारी लाल को बहुत मानते थे सुबह-शाम बस ठाकुरजी ठाकुरजी करके व्यतीत होता। पारिवारिक समस्या के कारण उन्हें धन की आवश्यकता हुई। तो पंडित जी सेठ जी के पास धन मांगने गये। सेठ […]

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Shri Radha Rani Temple Barsana

श्री राधा रानी मंदिर बरसाना

मथुरा से 25 किमी दूर बरसाना गांव स्थित है। बरसाना गांव नाम होने का कारण – श्री वृषभानु महाराज जी, श्री नन्द महाराज जी अत्यंत स्नेह करते थे। श्री नंद महाराज जब गोकुल में निवास कर […]

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श्री दाऊजी महाराज

यह स्थान मथुरा जनपद में ब्रजमंडल के पूर्वी छोर पर स्थित है। मथुरा से 21 कि॰मी॰ दूरी पर एटा-मथुरा मार्ग के मध्य में स्थित है। मार्ग के बीच में गोकुल एवं महावन जो कि पुराणों में वर्णित ‘वृहद्वन’ के नाम […]

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Maa Gayatri Tapobhumi Mathura

माँ गायत्री तपोभूमि

भगवान श्री कृष्ण की जन्मभूमि, महर्षि दुर्वासा तथा महर्षि अंगिरा की तपस्थली में वृंदावन मार्ग, मथुरा पर गायत्री तपोभूमि स्थित है। वेदमूर्ति पंडित श्री राम आचार्य ने 30.05.1953 से 22.06.1953 तक उपवास (मात्र गंगाजल लेकर) किया तथा वेदमाता, […]

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Shri Gokarna Mahadev

श्री गोकर्ण महादेव जी

श्री मथुरा जी के चार महादेवो में से एक श्री गोकर्ण महादेव भी है। इनका लेख भगवत गीता में भी मिलता है। श्री गोकर्ण जी के पिता का नाम आत्मदेव और माता का नाम धुंदली था। उनकी कोई संतान […]

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Maa Chamunda Ji

माँ चामुण्डा जी

अजगर को मुक्ति देने के बाद श्री कृष्ण ने किए थे माँ चामुण्डा के दर्शन

51 शक्तिपीठों में से प्रधान शक्तिपीठ बताई जाने वाली माँ चामुण्डा का मंदिर मथुरा-वृन्दावन मार्ग पर स्थित माँ गायत्री तपोभूमि के सामने बना हुआ है। […]

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