गोवेर्धन पर्वत परिक्रमा दर्शन / Govardhan Parvat Parikrama Darshan

पुराणों में ब्रज भूमि की महिमा का विस्तार से वर्णन किया गया है। ऐसा माना जाता है कि राधा-कृष्ण ब्रज में आज भी नित्य विराजते हैं। अतएव, उनके दर्शन के निमित्त भारत के समस्त तीर्थ यहां विराजमान हैं। यही कारण है कि इस भूमि के दर्शन करने वाले को कोटि-कोटि तीर्थो का फल प्राप्त होता है।

श्री गोवर्धन गिरिराज जी महाराज जी की कृपा से श्री मथुरा जी वेबसाइट पर आप गोवर्धन गिरिराज जी की दर्शन परिक्रमा के लिए आवेदन कर सकते हैं।

यह दर्शन परिक्रमा आप को गोवर्धन के पुरोहितों के सानिध्य में होगी। इन तीर्थ पुरोहित द्वारा परिक्रमा में आने वाले महत्वपूर्ण स्थानों के बारे में बताया जाएगा और उन स्थानों से संबंधित कथा और महिमा सुनाई जाएगी।  इस दर्शन परिक्रमा में श्री मथुरा जी आप की सभी सुविधाके लिए सभी व्यवस्था करेगी। ये सुविधाएं इस प्रकार है…

  • परिक्रमार्थी परिक्रमा से पहले मनोरथ पूजा करेंगे।
  • परिक्रमार्थी के लिए ठहरने का सुविधाजनक आवास।
  • परिक्रमार्थी के लिए खाने की व्यवस्था।
  • परिक्रमा पूरी होने पर श्री गिरिराज महाराज को अर्पित किया हुआ प्रसाद।
Mukharvind Darshan Jatipura

पैदल गोवेर्धन परिक्रमा दर्शन / Paidal Govardhan Parikrama Darshan

1 Day, 3200 Rs

  • Guest House
  • Manorath Pooja before Parikrama
  • Guide by Thirth Prohit
  • Bhojan
  • Parsad After Parikrama
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Mukharvind Darshan Jatipura

पैदल गोवेर्धन परिक्रमा दर्शन, दूध की धार के साथ / Paidal Govardhan Parikrama Darshan, Doodh ki Dhar ke Sath

1 Day, 3200 Rs + Milk Price

  • Guest House
  • Manorath Pooja before Parikrama
  • Guide by Thirth Prohit
  • Milk for Parikrama
  • Bhojan
  • Parsad After Parikrama
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Daan Ghati Darshan Goverdhan

गोवेर्धन परिक्रमा दर्शन ई रिक्शा द्वारा / Govardhan Parikrama Darshan by eRickshaw

1 Day, 3850 Rs

  • Guest House
  • Manorath Pooja before Parikrama
  • Guide by Thirth Prohit
  • Bhojan
  • Parsad After Parikrama
  • eRickshaw
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Haridev Darshan Govardhan

गोवेर्धन परिक्रमा दर्शन ई रिक्शा से, दूधा के धर के साथ / Govardhan Parikrama Darshan by e Rickshaw, Doodh ki Dhar ke Sath

1 Day, 3850 Rs + Milk Price

  • Guest House
  • Manorath Pooja before Parikrama
  • Guide by Thirth Prohit
  • Milk for Parikrama
  • Bhojan
  • Parsad After Parikrama
  • eRickshaw
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Mansa Devi Darshan Govardhan

दंडवत गोवेर्धन परिक्रमा दर्शन / Dandavat Govardhan Parikrama Darshan

7 Day, 15500 Rs

  • Guest House
  • Manorath Pooja before Parikrama
  • Guide by Thirth Prohit
  • Bhojan
  • Parsad After Parikrama
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About Govardhan / गोवर्धन

Govardhan Parvat / गोवर्धन पर्वत

Govardhan Parikrama / गोवर्धन परिक्रमा

Govardhan Parikrama ka Mahatva / गोवर्धन परिक्रमा का महत्व

Govardhan Parvat Ki Parikrama Kyu? / गोवेर्धनजी पर्वत की परिक्रमा क्यों?

Parikrama Rules / परिक्रमा नियम

Questions and Answers about Goverdhan Parikrama

गोवर्धन परिक्रमा कितने किलोमीटर की है?

यह ७ कोस की परिक्रमा लगभग २१ किलोमीटर की है। मार्ग में पड़ने वाले प्रमुख स्थल आन्यौर, गोविन्द कुंड, पूंछरी का लोठा जतिपुरा राधाकुंड, कुसुम सरोवर, मानसी गंगा, दानघाटी इत्यादि हैं।

गोवर्धन परिक्रमा कब की जाती है?

प्रत्येक महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी से पूर्णिमा तक। कुसुम सरोवर, चकलेश्वर महादेव, जतीपुरा, दानघाटी, पूंछरी का लौठा, मानसी गंगा, राधाकुण्ड, उद्धव कुण्ड आदि। भगवन श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी अंगुली पर धारण किया था। गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा २१ किलोमीटर की है।

गोवर्धन परिक्रमा क्यों लगाई जाती है?

गोवर्धन पर्वत को गिरिराज पर्वत के नाम से भी जाना जाता है। गोवर्धन पर्वत की पूजा के पीछे भी धार्मिक कहानी प्रचलित है। मान्यता है कि एक बार इंद्र ने ब्रज क्षेत्र में घनघोर बारिश की। तब लोगों को बचाने के लिए भगवान कृष्ण ने इसे कनिष्ठा यानी सबसे छोटी उंगली पर उठा लिया।

गोवर्धन की परिक्रमा का क्या महत्व है?

कहा जाता है कि गोवर्धन पर्व के दिन मथुरा में स्थित गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। कहा जाता है कि इस दिन मथुरा में स्थित गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा और पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस पर्वत को श्री गिरिराज जी भी कहा जाता है।

गोवर्धन पर्वत की ऊंचाई कितनी है? / गोवर्धन पर्वत कितना बड़ा है?

पांच हजार साल पहले यह गोवर्धन पर्वत 30 हजार मीटर ऊंचा हुआ करता था और अब शायद 30 मीटर ही रह गया है। पुलस्त्य ऋषि के शाप के कारण यह पर्वत एक मुट्ठी रोज कम होता जा रहा है। इसी पर्वत को भगवान कृष्ण ने अपनी चींटी अंगुली पर उठा लिया था। श्रीगोवर्धन पर्वत मथुरा से 22 किमी की दूरी पर स्थित है। गोवर्धन पर्वत को गिरिराज पर्वत भी कहा जाता है।

गिरिराज जी की परिक्रमा में कितनी भीड़ है?

सदियों से यहाँ दूर-दूर से भक्तजन गिरिराज जी की परिक्रमा करने आते रहे हैं। यह ७ कोस की परिक्रमा लगभग २१ किलोमीटर की है। मार्ग में पड़ने वाले प्रमुख स्थल आन्यौर, राधाकुंड, कुसुम सरोवर, मानसी गंगा, गोविन्द कुंड, पूंछरी का लोटा, दानघाटी इत्यादि हैं।