312, 2019

Govardhan Parvat Ki Parikrama Kyu ?

गोवेर्धनजी पर्वत की परिक्रमा क्यों ?

श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को “भगवान का रूप” बताया और देवराज इन्द्र के स्थान पर उनकी पूजा करने के लिये सभी को प्रेरित किया था।

आज भी गोवर्धन पर्वत चमत्कारी है और वहां जाने वाले हर व्यक्ति की सभी इच्छायें परिपूर्ण होती हैं। गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करने वाले हर व्यक्ति को जीवन में कभी भी पैसों की कमी नहीं होती है।

एक […]

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1211, 2019

Shri Garud Govind Ji Temple Vrindavan

प्रभु श्री गरुण गोविन्द जी मंदिर वृंदावन

अदभुत अद्वितीय प्रभु श्री गरुण गोविन्द जी के कल्याण कारी दर्शन, मथुरा से दिल्ली जाते समय राष्ट्रीय राजमार्ग 2 पर पड़ने वाले छटीकरा के पास ही गरूड़ – गोविन्द श्रीकृष्ण की विहार स्थली है। एक दिन श्रीकृष्ण गोचारण करते हुए सखाओं के साथ यहाँ नाना प्रकार की क्रीड़ाओं में मग्न थे। वे बाल क्रीड़ा करते हुए श्रीदाम सखा को गरूड़ बनाकर उसकी पीठ […]

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2609, 2019

Braj Chaurasi Kos Yatra

प्रिय ब्रजानुरागी श्रद्धालु भक्तवृंद!परम कृपालु प्रभु श्री राधा कृष्ण भगवान की दिव्य अनुपायिनी अनुकम्पा से विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी श्री पुरुषोत्तम लाला व्यास जी गोवर्धन श्रीमद् भागवत कथा प्रवक्ता जीके पावन सानिध्य में वाहनों द्वारा ब्रज चौरासी कोस दर्शन परिक्रमा का भव्य आयोजन किया जा रहा है।

13 अक्टूबर 2019 रविवार को श्री धाम वृंदावन से संकल्प एवं यमुना पूजन के साथ यात्रा का शुभारंभ होगा। संपूर्ण ब्रज […]

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1409, 2019

Radhe Krishna ka Kirpa Parsad

राधे कृष्णा का कृपा प्रसाद

कृपा प्रसाद एक बहुत ही बड़ा व्यापारी था। सारी जिंदगी उसने धन कमाने में ही लगा दी थी। अब उसकी उम्र 60 के पार हो चुकी थी, खूब धन कमाकर घर में बीवी बच्चों का पालन पोषण पैसों से बड़ी अच्छी तरह कर रहा था। अब 60 के पार होने के बाद एक दिन अचानक कृपा प्रसाद बीमार हो गया। जिसके कारण उसे कुछ दिन घर […]

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209, 2019

Guru Purnima Story & History in Hindi

जानिए गुरुपूर्णिमा कब से और क्यों मनाई जाती है?
आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा को गुरुपूर्णिमा एवं व्यासपूर्णिमा कहते हैं। गुरुपूर्णिमा गुरुपूजन का दिन है। गुरुपूर्णिमा का एक अनोखा महत्त्व और भी है। अन्य दिनों की तुलना में इस तिथि पर गुरुतत्त्व सहस्र गुना कार्यरत रहता है। इसलिए इस दिन किसी भी व्यक्ति द्वारा जो कुछ भी अपनी साधना के रूप में किया जाता है, उसका फल भी उसे सहस्र गुना अधिक प्राप्त […]

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3006, 2019

Shri Jagannath Temple History Puri

पुरी का श्री जगन्नाथ मंदिर
पुरी का श्री जगन्नाथ मंदिर एक प्राचीन हिन्दू मंदिर है, जो भगवान विष्णु के 8 वे अवतार श्रीकृष्ण को समर्पित है। यह भारत में ओडिशा राज्य के तटवर्ती शहर पुरी में स्थित है। आज का उड़ीसा प्राचीनकाल में उत्कल प्रदेश के नाम से जाना जाता था। जगन्नाथ शब्द “जग + नाथ” से मिल कर बना है जिसकाअर्थ जगत के स्वामी होता है। जगन्नाथ जी की नगरी […]

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2004, 2019

Jalebiyon ka Bhog

जलेबियों का भोग

भाव के भूखे है भगवान

श्री कृष्णदास जी महाप्रभु वल्लभाचार्य जी के शिष्य थे। महाप्रभु ने ठाकुर श्री श्रीनाथजी की सेवा का सम्पूर्ण भार इन्हे सौपा था। एक बार आप श्री ठाकुरजी के सेवा कार्य के लिये दिल्ली गये हुए थे। वहाँ बाजार मे कडाही से निकलती हुई गरमा गरम जलेबियों को देखकर, जैसे ही उसकी सुवास अंदर गयी वैसे ही आपने सोचा कि यदि इस जलेबी को हमारे […]

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3103, 2019

Adi Varah Bhagwan Temple Mathura

श्री वराह जी अवतार
पृथ्वी के उद्धार के लिए हुआ श्री वराह जी अवतार। अनँत भगवान ने प्रलय के जल मे डूबी हुई पृथ्वी का उद्धार करने के लिए वराह-शरीर धारण किया। कहा जाता है कि एक दिन स्वायम्भुव महर्षि मनुजी ने बङी विनम्रता से हाथ जोङकर अपने पिता ब्रह्मा जी से कहा, “पिता जी, एकमात्र आप ही समस्त जीवो के जन्मदाता है। आप ही जिविका प्रदान करने वाले है। हम […]

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1302, 2019

Kokilavan Shani Dev Mandir

कोकिला वन का शनिदेव मंदिर सिद्ध क्यों कहलाता है?

द्वापरयुग में बंसी बजाते हुये एक पैर पर खडे़ हुये भगवान श्रीकृष्ण ने शनिदेव की पूजा-अर्चना से प्रसन्न होकर उन्हें दर्शन दिये और कहा कि नंदगांव से सटा “कोकिला वन” उनका वन है। जो इस वन की परिक्रमा करेगा और शनिदेव की पूजा करेगा, वह मेरी व शनिदेव दोनों की कृपा प्राप्त करेगा। इस कारण से कोकिलावन के शनिदेव मंदिर को सिद्ध […]

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1302, 2019

Shri Krishna Stuti ke Paath Se Paen Shree Krishna ka Saath

श्रीकृष्णस्तुति के पाठ से पाएं श्री कृष्ण का साथ
श्रीकृष्ण स्तुति

श्रीनिवासा गोविंदा, श्री वेंकटेशा गोविंदा,
भक्त वत्सल गोविंदा, भागवता प्रिय गोविंदा!
गोविंदा हरि गोविंदा, गोकुल नंदन गोविंदा,

नित्य निर्मल गोविंदा, नीलमेघ श्याम गोविंदा,
पुराण पुरुषा गोविंदा, पुंडरीकाक्ष गोविंदा,
गोविंदा हरि गोविंदा, गोकुल नंदन गोविंदा,

नंद नंदना गोविंदा, नवनीत चोरा गोविंदा!
पशुपालक श्री गोविंदा, पाप विमोचन गोविंदा,
गोविंदा हरि गोविंदा, गोकुल नंदन गोविंदा,

दुष्ट संहार गोविंदा, दुरित निवारण गोविंदा!
शिष्ट परिपालक गोविंदा, कष्ट निवारण गोविंदा!
गोविंदा हरि गोविंदा, गोकुल नंदन गोविंदा,

वज्र मकुटधर गोविंदा, […]

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512, 2018

Shri Rangeshwar Mahadev Temple

क्यों कहलाये शिव जी रंगेश्वर महादेव
मथुरा के दक्षिण में श्री रंगेश्वर महादेव जी क्षेत्रपाल के रूप में अवस्थित हैं। कंस ने श्री कृष्ण और बलदेव को मारने का षड़यन्त्र कर इस तीर्थ स्थान पर एक रंगशाला का निर्माण करवाया। अक्रूर के द्वारा वृंदावन से श्री कृष्ण–बलदेव को लाया गया। श्रीकृष्ण और बलदेव नगर भ्रमण के बहाने ग्वालबालों के साथ लोगों से पूछते–पूछते इस रंगशाला में प्रविष्ट हुये। रंगशाला बहुत ही […]

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312, 2018

Shri Radhavallabh Lal Mandir Vrindavan

श्री राधावल्लभ लाल मंदिर वृंदावन
श्री राधावल्लभ लाल जी का मंदिर वृंदावन के अति प्राचीन मंदिरों में से एक है।

स्थापना – हरिवंश महाप्रभु 31 वर्षो तक देववन में रहे । अपनी आयु के 32 वें वर्ष में उन्होंने दैवीय प्रेरणा से वृंदावन के लिए प्रस्थान किया । मार्ग में उन्हें चिरथावलग्राम में रात्रि विश्राम करना पडा। वहां उन्होंने स्वप्न में प्राप्त राधारानी जी के आदेशानुसार एक ब्राह्मण की दो पुत्रियों के […]

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2711, 2018

Kaise Padha Bhagavan Shree Krishna ka Naam Daamodar

कैसे पढ़ा भगवान श्रीकृष्ण का नाम दामोदर
पवित्र कार्तिक मास का एक नाम दामोदर मास भी है। ‘दाम’ कहते हैं रस्सी को और ‘उदर’ कहते हैं पेट को। इस महीने में माता यशोदा ने भगवान नन्द-नन्दन श्रीकृष्ण के पेट पर रस्सी बाँध कर उन्हें ऊखल से बाँधा था, अतः उनका एक नाम हुआ ‘दामोदर’। चूंकि भगवान और उनकी माता के बीच यह लीला कार्तिक के महीने में हुई थी, अतः उस […]

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1911, 2018

Teen Van Parikrama in Mathura

तीन वन परिक्रमा

उत्तर प्रदेश के मथुरा में तीन वन की 18 कोसी ( 55 किलोमीटर ) परिक्रमा करने के लिए ब्रजवासियों एवं तीर्थयात्रियों में एक प्रकार से होड़ मच जाती है। किंवदंतियों के मुताबिक कंस के वध के प्रायश्चित के लिए भगवान श्रीकृष्ण यह परिक्रमा की थी। इस परिक्रमा में बृजधाम के मथुरा, गरुड़ गोविंद और वृंदावन स्थान आते है। यह परिक्रमा आधी रात के बाद प्रारंभ होती है।

मथुरा-वृन्दावन की […]

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408, 2018

Mahadev Ko Prasan Karne Ka Ramban Upay

महादेव को प्रसन्न करने के रामबाण उपाय

पुराणों में ज्योतिष से सम्बन्धित बहुत से उपाय दिये गये है जिसको, करके आप अपने सभी कष्टो से पार पा सकते है शिव महापुराण में दिये गये ज्योतिष के उपाय की बात करते है ये हैं। भगवान शिव बहुत भोले हैं, यदि कोई भक्त सच्ची श्रद्धा से उन्हें सिर्फ एक लोटा पानी भी अर्पित करे तो भी वे प्रसन्न हो जाते हैं। इसीलिए उन्हें […]

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3107, 2018

Kyon Priy Hai Bhagavan Shiv Ko Akhandit Belpatra

क्यों प्रिय है भगवान शिव को अखंडित बेलपत्र
भगवान महादेव को प्रसन्न करने के लिए स्वयं देवी महालक्ष्मी ने बेलवृक्ष का रूप लिया था और शिवलिंग को अपनी छाया प्रदान करती थीं। इससे खुश होकर भगवान शिवजी ने माँ महालक्ष्मी से कहा कि बेलवृक्ष की जड़ों में सदा मेरा निवास होगा और बेलपत्र मुझे अतिप्रिय होगा। कालकूट विष पीने के बाद शिवजी के मस्तिष्क को शांत करने के लिए देवों ने […]

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2807, 2018

Shri Radhakund-Ashta Sakhi Kunj

श्री राधाकुंड-अष्ट सखी कुञ्ज

श्री राधाकुंड का सौंदर्य अपार है। ये भगवान श्रीकृष्ण को अत्यंत आनंद प्रदान करने वाला है। इस सरोवर की शोभा और महिमा क्षीर सागर का भी तिरस्कार करती हैं, क्योकि वहा पर सिर्फ एक ही स्थान पर श्री हरि लीला हुई ,परन्तु श्रीकुण्ड के समस्त जल में श्री कृष्ण लीलाएं निरंतर होती हैं।

अष्ट कुंजो का वर्णन

श्री ललितानंद कुञ्ज

ये ललितानंद कुञ्ज, श्री ललिता जी का कुञ्ज है जो […]

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2707, 2018

Savan Ke Maheene Mein Kyon Karate Hain Mahaadev Ke Pooja

कहते हैं कि सावन का महीना देवों के देव महादेव को बहुत प्रिय है। इस माह में शिव जी के भक्त उन्हें प्रसन्न करने का हर संभव प्रयास करते हैं। इस माह में भगवान श‍वि की पूजा बहुत अहम मानी जाती है। मान्यता है कि सावन के माह में ही समुद्र मंथन किया गया था। समुद्र मंथन के बाद जो विष निकला, उससे पूरा संसार नष्ट हो जाता, लेकिन भगवान […]

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1407, 2018

Yogini Ekadashi Vrat Katha and Vidhi

योगिनी एकादशी व्रत कथा एवं विधि

आषाढ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी के दिन योगिनी एकादशी व्रत का विधान होता है। यह बड़े बडे पापो को नाश करने वाली एकादशी है। संसार सागर में डूबे हुए प्राणियों के लिए यह सनातन नौका का काम करती है। इस शुभ दिन के उपलक्ष्य पर भगवान श्रीविष्णु जी की पूजा, उपासना की जाती है। इस एकादशी के दिन पीपल के पेड की पूजा […]

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1007, 2018

Apara Ekadashi Vrat Katha

अपरा एकादशी व्रत

हमारे देश में हिंदू धर्म के मानने वाले लोग एकादशी का व्रत रखा करते हैं। इस व्रत का हिन्दू धर्म में महत्वपूर्ण स्थान है। ज्येष्ठ मास कृष्ण पक्ष की एकादशी को ‘अपरा एकादशी’ या ‘अचला एकादशी’ कहा जाता है।

अपरा एकादशी व्रत कथा

महीध्वज नामक एक धर्मात्मा राजा था। राजा का छोटा भाई वज्रध्वज बड़े भाई से द्वेष रखता था। एक दिन अवसर पाकर इसने राजा की हत्या कर दी […]

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