512, 2018

Shri Rangeshwar Mahadev Temple

क्यों कहलाये शिव जी रंगेश्वर महादेव
मथुरा के दक्षिण में श्री रंगेश्वर महादेव जी क्षेत्रपाल के रूप में अवस्थित हैं। कंस ने श्री कृष्ण और बलदेव को मारने का षड़यन्त्र कर इस तीर्थ स्थान पर एक रंगशाला का निर्माण करवाया। अक्रूर के द्वारा वृंदावन से श्री कृष्ण–बलदेव को लाया गया। श्रीकृष्ण और बलदेव नगर भ्रमण के बहाने ग्वालबालों के साथ लोगों से पूछते–पूछते इस रंगशाला में प्रविष्ट हुये। रंगशाला बहुत ही […]

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312, 2018

Shri Radhavallabh Lal Mandir Vrindavan

श्री राधावल्लभ लाल मंदिर वृंदावन
श्री राधावल्लभ लाल जी का मंदिर वृंदावन के अति प्राचीन मंदिरों में से एक है।

स्थापना – हरिवंश महाप्रभु 31 वर्षो तक देववन में रहे । अपनी आयु के 32 वें वर्ष में उन्होंने दैवीय प्रेरणा से वृंदावन के लिए प्रस्थान किया । मार्ग में उन्हें चिरथावलग्राम में रात्रि विश्राम करना पडा। वहां उन्होंने स्वप्न में प्राप्त राधारानी जी के आदेशानुसार एक ब्राह्मण की दो पुत्रियों के […]

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2711, 2018

Kaise Padha Bhagavan Shree Krishna ka Naam Daamodar

कैसे पढ़ा भगवान श्रीकृष्ण का नाम दामोदर
पवित्र कार्तिक मास का एक नाम दामोदर मास भी है। ‘दाम’ कहते हैं रस्सी को और ‘उदर’ कहते हैं पेट को। इस महीने में माता यशोदा ने भगवान नन्द-नन्दन श्रीकृष्ण के पेट पर रस्सी बाँध कर उन्हें ऊखल से बाँधा था, अतः उनका एक नाम हुआ ‘दामोदर’। चूंकि भगवान और उनकी माता के बीच यह लीला कार्तिक के महीने में हुई थी, अतः उस […]

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1911, 2018

Teen Van Parikrama in Mathura

तीन वन परिक्रमा

उत्तर प्रदेश के मथुरा में तीन वन की 18 कोसी ( 55 किलोमीटर ) परिक्रमा करने के लिए ब्रजवासियों एवं तीर्थयात्रियों में एक प्रकार से होड़ मच जाती है। किंवदंतियों के मुताबिक कंस के वध के प्रायश्चित के लिए भगवान श्रीकृष्ण यह परिक्रमा की थी। इस परिक्रमा में बृजधाम के मथुरा, गरुड़ गोविंद और वृंदावन स्थान आते है। यह परिक्रमा आधी रात के बाद प्रारंभ होती है।

मथुरा-वृन्दावन की […]

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408, 2018

Mahadev Ko Prasan Karne Ka Ramban Upay

महादेव को प्रसन्न करने के रामबाण उपाय

पुराणों में ज्योतिष से सम्बन्धित बहुत से उपाय दिये गये है जिसको, करके आप अपने सभी कष्टो से पार पा सकते है शिव महापुराण में दिये गये ज्योतिष के उपाय की बात करते है ये हैं। भगवान शिव बहुत भोले हैं, यदि कोई भक्त सच्ची श्रद्धा से उन्हें सिर्फ एक लोटा पानी भी अर्पित करे तो भी वे प्रसन्न हो जाते हैं। इसीलिए उन्हें […]

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3107, 2018

Kyon Priy Hai Bhagavan Shiv Ko Akhandit Belpatra

क्यों प्रिय है भगवान शिव को अखंडित बेलपत्र
भगवान महादेव को प्रसन्न करने के लिए स्वयं देवी महालक्ष्मी ने बेलवृक्ष का रूप लिया था और शिवलिंग को अपनी छाया प्रदान करती थीं। इससे खुश होकर भगवान शिवजी ने माँ महालक्ष्मी से कहा कि बेलवृक्ष की जड़ों में सदा मेरा निवास होगा और बेलपत्र मुझे अतिप्रिय होगा। कालकूट विष पीने के बाद शिवजी के मस्तिष्क को शांत करने के लिए देवों ने […]

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2807, 2018

Shri Radhakund-Ashta Sakhi Kunj

श्री राधाकुंड-अष्ट सखी कुञ्ज

श्री राधाकुंड का सौंदर्य अपार है। ये भगवान श्रीकृष्ण को अत्यंत आनंद प्रदान करने वाला है। इस सरोवर की शोभा और महिमा क्षीर सागर का भी तिरस्कार करती हैं, क्योकि वहा पर सिर्फ एक ही स्थान पर श्री हरि लीला हुई ,परन्तु श्रीकुण्ड के समस्त जल में श्री कृष्ण लीलाएं निरंतर होती हैं।

अष्ट कुंजो का वर्णन

श्री ललितानंद कुञ्ज

ये ललितानंद कुञ्ज, श्री ललिता जी का कुञ्ज है जो […]

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2707, 2018

Savan Ke Maheene Mein Kyon Karate Hain Mahaadev Ke Pooja

कहते हैं कि सावन का महीना देवों के देव महादेव को बहुत प्रिय है। इस माह में शिव जी के भक्त उन्हें प्रसन्न करने का हर संभव प्रयास करते हैं। इस माह में भगवान श‍वि की पूजा बहुत अहम मानी जाती है। मान्यता है कि सावन के माह में ही समुद्र मंथन किया गया था। समुद्र मंथन के बाद जो विष निकला, उससे पूरा संसार नष्ट हो जाता, लेकिन भगवान […]

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1407, 2018

Yogini Ekadashi Vrat Katha and Vidhi

योगिनी एकादशी व्रत कथा एवं विधि

आषाढ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी के दिन योगिनी एकादशी व्रत का विधान होता है। यह बड़े बडे पापो को नाश करने वाली एकादशी है। संसार सागर में डूबे हुए प्राणियों के लिए यह सनातन नौका का काम करती है। इस शुभ दिन के उपलक्ष्य पर भगवान श्रीविष्णु जी की पूजा, उपासना की जाती है। इस एकादशी के दिन पीपल के पेड की पूजा […]

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1007, 2018

Apara Ekadashi Vrat Katha

अपरा एकादशी व्रत

हमारे देश में हिंदू धर्म के मानने वाले लोग एकादशी का व्रत रखा करते हैं। इस व्रत का हिन्दू धर्म में महत्वपूर्ण स्थान है। ज्येष्ठ मास कृष्ण पक्ष की एकादशी को ‘अपरा एकादशी’ या ‘अचला एकादशी’ कहा जाता है।

अपरा एकादशी व्रत कथा

महीध्वज नामक एक धर्मात्मा राजा था। राजा का छोटा भाई वज्रध्वज बड़े भाई से द्वेष रखता था। एक दिन अवसर पाकर इसने राजा की हत्या कर दी […]

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807, 2018

Padmini (Kamla) Ekadashi Vrat Katha

पद्मिनी ( कमला ) एकादशी व्रत

धर्मराज महाराज युधिष्‍ठिर बोले- हे जनार्दन! अधिकमास के शुक्ल पक्ष की एकादशी का नाम क्या है? और उसकी विधि क्या है? कृपा करके आप मुझे बताये।

श्रीकृष्ण भगवान बोले, हे राजन्- अधिकमास के शुक्ल पक्ष में जो एकादशी आती है वह पद्मिनी (कमला) एकादशी कहलाती है। वैसे आमतोर पर प्रत्येक वर्ष 24 एकादशियां होती हैं। पर जब अधिकमास या मलमास आता है, तब इनकी संख्या […]

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507, 2018

Purushottam Maas Parma Ekadashi and Padmini Ekadashi Vrat

पुरुषोत्तम मास परमा एकादशी और पद्मिनी एकादशी व्रत

पुरुषोत्तम मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को परमा एकादशी या हरिवल्लभ एकादशी के नाम से भी जानते हैं। इस दिन नरोत्तम भगवान विष्णु की पूजा से दुर्लभ सिद्धियों की प्राप्ति होती जाती है। जिस प्रकार संसार में चार पैर वालों में गौ, देवताओं में इन्द्रराज श्रेष्ठ हैं, उसी प्रकार मासों में पुरुषोत्तम मास श्रेष्ठ है। इस मास में पंचरात्रि अत्यन्त पुण्य […]

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2906, 2018

Shri Mohini Bihari Ji Tatiya Sthan Vrindavan

श्रीमोहिनी बिहारी जी तटिया या टटिया स्थान

स्थान – श्री रंग जी मंदिर के दाहिने हाथ यमुना जी के जाने वाली पक्की सड़क के आखिर में ही यह रमणीय टटिया स्थान है। विशाल भूखंड पर फैला हुआ है, किन्तु कोई दीवार, पत्थरो की घेराबंदी नहीं है केवल बॉस की खपच्चियाँ या टटियाओ से घिरा हुआ है इसलिए तटिया स्थान के नाम से प्रसिद्ध है। संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास जी महाराज की […]

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2306, 2018

Mrtyu Tale Nahin Talati

मृत्यु टाले न टले

भगवान श्री विष्णु गरुड़ पर बैठ कर कैलाश पर्वत पर आये। द्वार पर गरुड़ को छोड़ कर स्वयं, भगवान शिव से मिलने अंदर चले गए। तब कैलाश की अपूर्व प्राकृतिक शोभा को देख कर गरुड़ जी मंत्रमुग्ध थे कि तभी उनकी नजर एक छोटी सी चिड़िया पर गयी। छोटी सी चिड़िया कुछ इतनी सुंदर थी कि गरुड़ जी के सारे विचार उसकी तरफ आकर्षित होने लगे। उसी […]

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306, 2018

घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग / Grishneshwar Jyotirlinga

श्री घृष्णेश्वर महादेव का प्रसिद्ध मंदिर महाराष्ट्र राज्य के औरंगाबाद शहर के समीप दौलताबाद के पास स्थित है। शिव के 12 ज्योतिर्लिंगो में यह अंतिम ज्योतिर्लिंग है। इनको घृसणेश्वर या घुश्मेश्वर के नाम से भी जाना जाता है। घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग का दर्शन लोक-परलोक दोनों के लिए अमोघ फलदाई है। दूर-दूर से लोग महादेव के दर्शन को आते हैं और आत्मिक शांति प्राप्त करते हैं। बौद्ध भिक्षुओं के द्वारा निर्मित एलोरा […]

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206, 2018

रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग / Rameshwaram Jyotirlinga

यह ज्योतिर्लिंग तमिलनाडु राज्य के रामनाड जिले में स्थित है। भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक होने के साथ-साथ यह स्थान हिंदुओं के चार धामों में भी आता है। इस ज्योतिर्लिंग के विषय में यह मान्यता है कि रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग की स्थापना स्वयं भगवान श्रीराम ने की थी। भगवान राम के द्वारा स्थापित होने के कारण ही इस ज्योतिर्लिंग को रामेश्वरम कहा गया है।

श्री रामेश्वरम् की स्थापना […]

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106, 2018

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग / Trimbakeshwar Jyotirlinga

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग गोदावरी नदी के करीब महाराष्ट्र राज्य के नासिक जिले में स्थित है। यह ज्योतिर्लिंग ब्रह्मागिरि नामक पर्वत पर है। इसी पर्वत से गोदावरी नदी का उद्गम होता है। भगवान भोलेनाथ का एक नाम त्र्यंबकेश्वर भी है। यह ज्योतिर्लिंग समस्त पुण्यों को प्रदान करने वाला है और समस्त कष्ट को हरने वाला है।

त्र्यंबकेश्वर मंदिर के अंदर एक गङ्ढे में तीन छोटे-छोटे लिंग है, जिन्‍हें भगवान ब्रह्मा, विष्णु […]

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106, 2018

काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग / Kashi Vishwanath Jyotirlinga

काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह उत्तर प्रदेश के काशी शहर में स्थित है। गंगा तट स्थित काशी विश्वनाथ शिवलिंग का दर्शन हिंदुओं के लिए सबसे पवित्र है। सभी धर्म स्थलों में काशी का अत्यधिक महत्व बताया गया है। काशी की मान्यता है कि प्रलय आने पर भी यह स्थान बना रहेगा। क्योकि इसकी रक्षा के लिए भगवान शिव इस स्थान को अपने त्रिशूल […]

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3005, 2018

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग / Bhimashankar Jyotirlinga

श्री भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के पूणे जिले में सह्याद्रि नामक पर्वत पर स्थित है। श्री भीमाशंकर के शिवलिंग को ही शिव का छठा ज्योतिर्लिंग कहते हैं। श्री भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग को मोटेश्वर महादेव के नाम से भी जाना जाता है। भीमाशंकर मंदिर के विषय में मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धा से भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर का दर्शन प्रतिदिन सुबह सूर्य निकलने के बाद करता है, उसके सभी जन्मों के पाप दूर […]

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3005, 2018

बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग / Baidyanath Jyotirlinga

श्री वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग का समस्त शिवलिंगों की गणना में नौवां स्थान बताया गया है। भगवान श्री वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग का मन्दिर जिस स्थान पर स्थित है, उसे वैद्यनाथ धाम कहा जाता है। यह स्थान झारखंड राज्य के देवघर जिला में पड़ता है। परंपरा और पौराणिक कथाओं से पता चलता है की देवघर स्थित श्रीवैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग को ही प्रमाणिक मान्यता है। हर साल लाखों श्रद्धालु सावन के माह में सुलतानगंज से […]

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