604, 2024

Jatipura Mukharvind Temple Govardhan

ठाकुर श्री गोवर्धन गिरिराज जी मुखारविंद मंदिर, जतीपुरा, गोवर्धन
यह दर्शन गोवर्धन पर्वत (जिसे भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को इंद्र के कोप से बचाने के लिए अपनी सबसे छोटी उंगली के नख पर धारण किया था) के हैं। वल्लभकुल संप्रदाय के अनुसार यह गिरिराज गोवर्धन का मुखारविंद (श्रृंगार स्थली) है।

यहां पर प्रत्येक दिन छप्पन भोग, छत्तीसों व्यंजन, अन्नकूट आदि भोग एवम अनेकों विशेष मनोरथ पूजा, सेवा आदि का आयोजन होता रहता […]

1203, 2024

Daan Ghati Temple Goverdhan

दानघाटी मंदिर गोवेर्धन
जब महाराज कंस को आकाशवाणी योगमाया देवी द्वारा समझ आ गया कि मेरी मृत्यु – यानी मुझे मारने वाला ब्रज में कहीं अन्यत्र ही पैदा हो चुका है। तब से अनेकों युक्तियां कंस के मस्तिष्क में चलती रहती। जैसे ब्रज में उत्पन्न होने बाला दूध, दही, मक्खन (पौष्टिक आहार) खाकर कहीं मेरा शत्रु मुझे अधिक शक्तिशाली न बन जाए। तो यह ब्रज की आम जनमानस में खबर पहुंचा […]

2102, 2024

Mathura Vrindavan Barsana And Duaji Holi Festival Dates 2024

मित्रों ब्रज की विश्व व्यख्यात् लठामार होली का ढाडा बसंत पंचमी को गढ गया है। बसंत पंचमी से पुर ब्रज में होली महोत्सव शुरू हो चुका है। ब्रज के समस्त मन्दिरों में और ब्रज के गाँवों में व समस्त ब्रज में होली का रंग बरसना शुरू हो चुका है। पुरे विश्व में होली की शुरूआत ब्रज के बाबा बृषभानु के निज गाँव बरसाना से शुरू होती है जो अनन्तों ब्रह्माण्डों […]

1001, 2024

Hindu Dharm Main Pipal Ko Kyon Pooja Jaata Hai? Aaye Janate Hai

हिन्दू धर्म में पीपल को क्यों पूजा जाता है? आये जानते है

पीपल का वृक्ष भगवान विष्णु स्वरूप माना जाता है। सभी महात्मा जन इस वृक्ष की सेवा करते हैं और यह वृक्ष मनुष्यों के सभी पापों को नष्ट करने वाला है। इसके साथ ही पीपल में पितरों और तीर्थों का निवास भी होता है। यही वजह है कि पीपल के पेड़ की पूजा और पीपल का पेड़ लगाना शुभ और […]

2212, 2023

Bhagwan Ki Seva Ke Panch Prakar

भगवान की सेवा के पाँच प्रकार
भगवान की सेवा के कई प्रकार हो सकते हैं, जो व्यक्ति के धार्मिक आदर्शों, संस्कृति और श्रद्धा के साथ जुड़े होते हैं। यह कुछ सामान्य प्रकार हो सकते हैं:

पहले प्रकार की सेवा वह है जब तुम्हें पता भी नहीं चलता कि तुम सेवा कर रहे हो। तुम उसे सेवा की तरह नहीं देखते क्योंकि वह तुम्हारा स्वभाव है। तुम उसको करे बिना रह ही नहीं […]

711, 2023

Krishna Kund Or Radha Kund History Govardhan

राधा कुंड और कृष्ण कुंड का इतिहास ( राधा कुंड की मान्यता और इसकी कथा: अहोई अष्टमी पर इसमें स्नान से होती है संतान की प्राप्ति )
भगवान श्रीकृष्ण के वध के लिए कंस के अनेको राक्षसो को भेजा था। उन सब राक्षसो में से एक अरिष्टासुर राक्षस भी था। अरिष्टासुर राक्षस भगवान श्रीकृष्ण का वध करने के लिए बछड़े का रूप धारण करके आया था। श्रीकृष्ण की गायों में शामिल […]

907, 2023

Gopi Ka Virah Bhav

गोपी का विरह भाव

एक नई गोपी को श्रीकृष्ण का बहुत विरह हो रहा था। सारी रात विरह में करवटे बदलते ही बीत रही थी। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में जागी तो देखा जोरों की वर्षा हो रही है। बादल बिल्कुल काले होकर नभ पर बिखरे पड़े हैं। श्याम वर्ण घने बादल देखते ही गोपी की विरह वेदना बढ़ने लगी। और मन ही मन बोली–’हे श्याम घन!! तुम भी मेरे प्रियतम घनश्याम […]

2805, 2023

Satsang Ka Prabhav Veshya Ka Hriday Hua Vishudh

सत्संग क प्रभाव वेश्या का हृदय हुआ विशुद्ध

रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने बंगला में एक सुन्दर खण्डकाव्य लिखा है। कबीर पर, उसके अनुसार कबीरदास जी मगहर में रहते थे और वहाँ के बाजार में कपड़ा बेचने आते थे। उनका बड़ा नाम हो गया था कि बहुत बड़े महात्मा हैं, इसलिये उनकी कुटिया पर भीड़ होने लगी। उनकी साधना में विघ्न पड़ने लगा। उन्हें अपने भगवान से एकान्त में बात करने का समय […]

1105, 2023

Gopal Ji, Ek Mahila Aur Brijwasi Ki Kahani

गोपाल जी, एक महिला और बृजवासी की कहानी

कल दोपहर, मैं काम से बाजार में पंसारी की दुकान पर गया। मुझसे पहले उसकी दुकान पर एक महिला वहा पर खड़ी थी। उस महिला के हाथ में एक डलिया (टोकरी) में लड्डू गोपाल जी थे। हालांकि जो वस्तु मुझे चाहिए थी वह उनकी दुकान पर नहीं थी। परन्तु मैं डलिया में ठाकुर जी को देखकर रुक गया। मुझे गोपाल जी कुछ व्याकुल […]

1303, 2023

Bhagwan Ka Bharosa

भगवान का भरोसा

एक राजा काफी दिनों से पुत्र प्राप्ति के लिये आशा लगाये बैठा था, परन्तु पुत्र नही हुआ। उनके सलाहकारों ने तांत्रिकों से सहयोग की बात कही। सुझाव मिला कि किसी एक बच्चे की बलि दे दी जाये तो पुत्र की प्राप्ति हो जायेगी। राजा ने यह बात अपने राज्य में फैलाई कि जो अपना बच्चा देगा उसे बहुत सारा धन दिया जायेगा। उस राज्य में एक परिवार […]

302, 2023

Payo Bade Bhagyan Son Aasro Kishori Ju Kau

श्रीराधा विजयते नमः

पायो बड़े भाग्यन सों आसरो किशोरी जू कौ,
ओर निरवाहि ताहि नीके गहि गहिरे ।
नैननि सौं निरखि लड़ैती जू को वदन चन्द्र,
ताही के चकोर ह्वैके रूपसुधा चहिरे ॥
स्वामिनी की कृपासों आधीन हुयी हैं ‘ब्रजनिधि’,
ताते रसनासों सदां श्यामा नाम कहिरे ॥
मन मेरे मीत जोपै कह्यो माने मेरो तौं,
राधा पद कंज कौ भ्रमर है के रहिरे ॥

अर्थात:-

हे मेरे मन, यह अत्यंत सौभाग्य कि बात है की तुमने श्री किशोरी जी […]

2001, 2023

Dhai Akshar Ka Mahatva, Ye Dhai Akshar Kya Hai? Aao Jane

ढाई अक्षर का महत्व, ये ढाई अक्षर क्या है आओ जाने

पोथी पढ़ पढ़ जग मुआ पंडित भया न कोय। ढाई अक्षर प्रेम का पढ़े सो पंडित होय। ये ढाई अक्षर क्या है-

ढाई अक्षर के ब्रह्मा और ढाई अक्षर की सृष्टि।
ढाई अक्षर के विष्णु और ढाई अक्षर की लक्ष्मी।
ढाई अक्षर के कृष्ण और ढाई अक्षर की कान्ता।(राधा रानी का दूसरा नाम)

ढाई अक्षर की दुर्गा और ढाई अक्षर की शक्ति।
ढाई अक्षर की […]

2912, 2022

Gulab Sakhi ka Chabutra

गुलाब सखी का चबूतरा

बरसाने की पीली पोखर से प्रेम सरोवर जाने वाले रास्ते से कुछ हटकर वन प्रांत में एक पुराना चबूतरा है। लोग उसे गुलाब सखी का चबूतरा कहते हैं और आते-जाते उस पर माथा टेकते हैं।

आइये जानते है क्या है इस चबूतरे की कथा।

गुलाब एक एक निर्धन व्यक्ति का नाम था । बरसाने की पवित्र धरती पर उसका जन्म हुआ । ब्रह्मा आदि जिस रज की कामना करते […]

510, 2022

Shiv Bhakt Aur Vidhi Ka Vidhan

शिव भक्त और विधि का विधान

एक बार कैलाश पर्वत पर भगवान शिव और माँ पार्वती बैठे हुए थे। शिव जी ध्यान लगा कर बैठे थे। तभी पार्वती जी ने देखा कि वे मन्द-मन्द मुस्कुरा रहे हैं। पार्वती जी के मन में प्रश्न उठा कि आज महादेव ध्यान मुद्रा में भी क्यों मुस्कुरा रहे हैं। उन्होंने समाधी समाप्त होने पर भोले बाबा पूछा, स्वामी मैंने आपको पहली बार समाधी में […]

1009, 2022

Shri Rangadev Ji Mandir Main Pavitrotsav Vrindavan

श्री रंगदेव जी मंदिर में पवित्रोत्सव वृंदावन

श्री रंग मंदिर वृंदाबन का पवित्रोत्सव आज सिंह संक्रांति की पूर्णमासी से प्रारम्भ होकर कृष्ण पक्ष की सप्तमी ( 10 सितम्बर से 17 सितम्बर)तक मनाया जाएगा। साल भर में भगवान की सेवा में जितनी भी त्रुटियाँ रह जाती हैं उनकी शांति और शुद्धिकरण के लिए पवित्रोत्सव या यज्ञोत्सव किया जाता है। श्री भगवान स्वयं पवित्र हैं तथापि अपनी पवित्रता हेतु वह श्री लक्ष्मी […]

2708, 2022

Maiya Mohe Brij Bisarata Nahi

मैया मोहे ब्रज बिसरत नाहि

मेरे कृष्ण कदम के वृक्ष के नीचे खड़े हैं, यह वृन्दावन की उन अनोखी शामों में से एक है। जब शीतल, मंद सुगंधित पवन चारों ओर बह रही है कृष्ण ने मुरली बजाने के लिए उसे अपने होठो पर रखकर हौले से उसमे फूंका… लेकिन उनकी बंसी आज कोई धुन नहीं निकाल रही। कृष्ण ने सामने खड़े गौओं के साथ अपने ग्वाल-बाल सखाओं को देखा और […]

2008, 2022

Maa Shabari Ki Pratiksha

मां शबरी की प्रतीक्षा

महर्षि मतंग जब शबरी को आश्रम सौंपकर देवलोक जाने लगे, तब शबरी भी महर्षि के साथ जाने की जिद करने लगी। तब शबरी की उम्र दस वर्ष ही थी। वो महर्षि मतंग का हाथ पकड़ रोने लगी। महर्षि भी शबरी को रोते देख व्याकुल हो उठे। तब उन्होंने शबरी को समझाया “पुत्री इस आश्रम में भगवान श्रीराम आएंगे, तुम यहीं प्रतीक्षा करो।” अबोध शबरी इतना अवश्य जानती […]

1408, 2022

Mahadev Ke Mahan Shivbhakt Bhrngi Ki Katha

महादेव के महान शिवभक्त भृंगी की कथा

महादेव के गणों मे से एक हैं भृंगी। एक शिवभक्त के रुप में भृंगी का नाम अमर है। कहते हैं जहां शिव होंगे वहां गणेश, नंदी, श्रृंगी, भृंगी, वीरभद्र का वास स्वयं ही होता है। शिव-शिवा के साथ में उनके ये गण अवश्य रहते हैं। इनमें से सभी प्रमुख गणों के बारे में तो कहानियां अपने सुनी होंगी हैं। जैसे दक्ष यज्ञध्वंस के […]

3107, 2022

Shri Radha Naam Ki Mahima

श्री राधा नाम की महिमा

एक व्यक्ति था जो की अपने पुत्र की मनमानी से बहुत दुखी रहता था। एक बार एक सिद्ध संत उसके नगर में आये हुये थे, वह उनके दर्शन करने संत के पास गया और संत से बोला – स्वामी जी! मेरा एक बेटा है। वो न तो भगवान में विश्वास रखता है और न ही पूजा-पाठ करता है। जब उससे कहो तो कहता है मै किसी […]

205, 2022

Akshay Tritiya Par, Thakur Ji ka Chandan Sewa Kram

अक्षय तृतीया पर, ठाकुर जी का चंदन सेवा क्रम

अक्षय तृतीया आये ओर श्री ठाकुरजी के लिए शितोपचार का क्रम शरु। अक्षय तृतीया के दिन श्री ठाकुरजी को खास चंदन की छोटी-छोटी गोली बनाकर श्री अंग पर समर्पित कैसे करते हैं ।
चंदन की गोली कैसे बनाएँ

सबसे पहले चंदन के लकडे को पूरी रात भिगोके रखना चाहिए जिस से चंदन कि पेस्ट आसानी से ज्यादा बने।
जब भी चंदन के लकडे को घिसो […]