1407, 2018

Yogini Ekadashi Vrat Katha and Vidhi

योगिनी एकादशी व्रत कथा एवं विधि

आषाढ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी के दिन योगिनी एकादशी व्रत का विधान होता है। यह बड़े बडे पापो को नाश करने वाली एकादशी है। संसार सागर में डूबे हुए प्राणियों के लिए यह सनातन नौका का काम करती है। इस शुभ दिन के उपलक्ष्य पर भगवान श्रीविष्णु जी की पूजा, उपासना की जाती है। इस एकादशी के दिन पीपल के पेड की पूजा […]

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1007, 2018

Apara Ekadashi Vrat Katha

अपरा एकादशी व्रत

हमारे देश में हिंदू धर्म के मानने वाले लोग एकादशी का व्रत रखा करते हैं। इस व्रत का हिन्दू धर्म में महत्वपूर्ण स्थान है। ज्येष्ठ मास कृष्ण पक्ष की एकादशी को ‘अपरा एकादशी’ या ‘अचला एकादशी’ कहा जाता है।

अपरा एकादशी व्रत कथा

महीध्वज नामक एक धर्मात्मा राजा था। राजा का छोटा भाई वज्रध्वज बड़े भाई से द्वेष रखता था। एक दिन अवसर पाकर इसने राजा की हत्या कर दी […]

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807, 2018

Padmini (Kamla) Ekadashi Vrat Katha

पद्मिनी ( कमला ) एकादशी व्रत

धर्मराज महाराज युधिष्‍ठिर बोले- हे जनार्दन! अधिकमास के शुक्ल पक्ष की एकादशी का नाम क्या है? और उसकी विधि क्या है? कृपा करके आप मुझे बताये।

श्रीकृष्ण भगवान बोले, हे राजन्- अधिकमास के शुक्ल पक्ष में जो एकादशी आती है वह पद्मिनी (कमला) एकादशी कहलाती है। वैसे आमतोर पर प्रत्येक वर्ष 24 एकादशियां होती हैं। पर जब अधिकमास या मलमास आता है, तब इनकी संख्या […]

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507, 2018

Purushottam Maas Parma Ekadashi and Padmini Ekadashi Vrat

पुरुषोत्तम मास परमा एकादशी और पद्मिनी एकादशी व्रत

पुरुषोत्तम मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को परमा एकादशी या हरिवल्लभ एकादशी के नाम से भी जानते हैं। इस दिन नरोत्तम भगवान विष्णु की पूजा से दुर्लभ सिद्धियों की प्राप्ति होती जाती है। जिस प्रकार संसार में चार पैर वालों में गौ, देवताओं में इन्द्रराज श्रेष्ठ हैं, उसी प्रकार मासों में पुरुषोत्तम मास श्रेष्ठ है। इस मास में पंचरात्रि अत्यन्त पुण्य […]

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2906, 2018

Shri Mohini Bihari Ji Tatiya Sthan Vrindavan

श्रीमोहिनी बिहारी जी तटिया या टटिया स्थान

स्थान – श्री रंग जी मंदिर के दाहिने हाथ यमुना जी के जाने वाली पक्की सड़क के आखिर में ही यह रमणीय टटिया स्थान है। विशाल भूखंड पर फैला हुआ है, किन्तु कोई दीवार, पत्थरो की घेराबंदी नहीं है केवल बॉस की खपच्चियाँ या टटियाओ से घिरा हुआ है इसलिए तटिया स्थान के नाम से प्रसिद्ध है। संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास जी महाराज की […]

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2306, 2018

Mrtyu Tale Nahin Talati

मृत्यु टाले न टले

भगवान श्री विष्णु गरुड़ पर बैठ कर कैलाश पर्वत पर आये। द्वार पर गरुड़ को छोड़ कर स्वयं, भगवान शिव से मिलने अंदर चले गए। तब कैलाश की अपूर्व प्राकृतिक शोभा को देख कर गरुड़ जी मंत्रमुग्ध थे कि तभी उनकी नजर एक छोटी सी चिड़िया पर गयी। छोटी सी चिड़िया कुछ इतनी सुंदर थी कि गरुड़ जी के सारे विचार उसकी तरफ आकर्षित होने लगे। उसी […]

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306, 2018

घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग / Grishneshwar Jyotirlinga

श्री घृष्णेश्वर महादेव का प्रसिद्ध मंदिर महाराष्ट्र राज्य के औरंगाबाद शहर के समीप दौलताबाद के पास स्थित है। शिव के 12 ज्योतिर्लिंगो में यह अंतिम ज्योतिर्लिंग है। इनको घृसणेश्वर या घुश्मेश्वर के नाम से भी जाना जाता है। घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग का दर्शन लोक-परलोक दोनों के लिए अमोघ फलदाई है। दूर-दूर से लोग महादेव के दर्शन को आते हैं और आत्मिक शांति प्राप्त करते हैं। बौद्ध भिक्षुओं के द्वारा निर्मित एलोरा […]

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206, 2018

रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग / Rameshwaram Jyotirlinga

यह ज्योतिर्लिंग तमिलनाडु राज्य के रामनाड जिले में स्थित है। भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक होने के साथ-साथ यह स्थान हिंदुओं के चार धामों में भी आता है। इस ज्योतिर्लिंग के विषय में यह मान्यता है कि रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग की स्थापना स्वयं भगवान श्रीराम ने की थी। भगवान राम के द्वारा स्थापित होने के कारण ही इस ज्योतिर्लिंग को रामेश्वरम कहा गया है।

श्री रामेश्वरम् की स्थापना […]

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106, 2018

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग / Trimbakeshwar Jyotirlinga

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग गोदावरी नदी के करीब महाराष्ट्र राज्य के नासिक जिले में स्थित है। यह ज्योतिर्लिंग ब्रह्मागिरि नामक पर्वत पर है। इसी पर्वत से गोदावरी नदी का उद्गम होता है। भगवान भोलेनाथ का एक नाम त्र्यंबकेश्वर भी है। यह ज्योतिर्लिंग समस्त पुण्यों को प्रदान करने वाला है और समस्त कष्ट को हरने वाला है।

त्र्यंबकेश्वर मंदिर के अंदर एक गङ्ढे में तीन छोटे-छोटे लिंग है, जिन्‍हें भगवान ब्रह्मा, विष्णु […]

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106, 2018

काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग / Kashi Vishwanath Jyotirlinga

काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह उत्तर प्रदेश के काशी शहर में स्थित है। गंगा तट स्थित काशी विश्वनाथ शिवलिंग का दर्शन हिंदुओं के लिए सबसे पवित्र है। सभी धर्म स्थलों में काशी का अत्यधिक महत्व बताया गया है। काशी की मान्यता है कि प्रलय आने पर भी यह स्थान बना रहेगा। क्योकि इसकी रक्षा के लिए भगवान शिव इस स्थान को अपने त्रिशूल […]

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3005, 2018

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग / Bhimashankar Jyotirlinga

श्री भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के पूणे जिले में सह्याद्रि नामक पर्वत पर स्थित है। श्री भीमाशंकर के शिवलिंग को ही शिव का छठा ज्योतिर्लिंग कहते हैं। श्री भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग को मोटेश्वर महादेव के नाम से भी जाना जाता है। भीमाशंकर मंदिर के विषय में मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धा से भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर का दर्शन प्रतिदिन सुबह सूर्य निकलने के बाद करता है, उसके सभी जन्मों के पाप दूर […]

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3005, 2018

बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग / Baidyanath Jyotirlinga

श्री वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग का समस्त शिवलिंगों की गणना में नौवां स्थान बताया गया है। भगवान श्री वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग का मन्दिर जिस स्थान पर स्थित है, उसे वैद्यनाथ धाम कहा जाता है। यह स्थान झारखंड राज्य के देवघर जिला में पड़ता है। परंपरा और पौराणिक कथाओं से पता चलता है की देवघर स्थित श्रीवैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग को ही प्रमाणिक मान्यता है। हर साल लाखों श्रद्धालु सावन के माह में सुलतानगंज से […]

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2905, 2018

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग / Nageshvara Jyotirlinga

श्रीनागेश्वर ज्योतिर्लिंग बड़ौदा में गोमती द्वारका से बारह-तेरह मील की दूरी स्थित है। धर्म शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव नागों के देवता है और नागेश्वर का पूर्ण अर्थ नागों का ईश्वर है। भगवान शिव जी का एक अन्य नाम नागेश्वर भी है। नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन की शास्त्रों में बड़ी महिमा बताई गई है।

श्री नागेश्वर शिवलिंग की स्थापना के संबंध में कथा इस प्रकार है कि एक धर्मात्मा, […]

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2505, 2018

केदारनाथ ज्योतिर्लिंग / Kedarnath Jyotirlinga

केदारनाथ ज्योतिर्लिंग भी भगवान शिव के १२ प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में आता है। यह उत्तराखंड में हिमालय की केदार नामक चोटी पर स्थित है। बाबा केदारनाथ का मंदिर बद्रीनाथ धाम के मार्ग पर स्थित है। केदारनाथ समुद्र तल से ३५८४ मीटर की ऊँचाई पर है। केदारनाथ का वर्णन स्कन्द पुराण एवं शिव पुराण में भी पाया जाता है। यह तीर्थ भगवान शिव को अति प्रिय है। जिस प्रकार का महत्व भगवान […]

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2305, 2018

ओंकारेश्वर ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग / Omkareshwar Mamleshwar Jyotirling

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश के शहर इंदौर के समीप स्थित है। जिस स्थान पर यह ज्योतिर्लिंग स्थित है, वहाँ पर नर्मदा नदी बहती है और पहाड़ी के चारों ओर नदी के बहने से यहां ऊं का आकार बनता है। ऊं शब्द की उत्पति भगवान ब्रह्मा जी के मुख से हुई है। इसलिए किसी भी धार्मिक शास्त्र या वेदों का पाठ ऊं के साथ किया जाता है। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग ॐकार अर्थात […]

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2305, 2018

महाकाल ज्योतिर्लिंग / Mahakaal Jyotirlinga Ujjain

भारत के हृदयस्थल मध्यप्रदेश में उज्जैन के मालवा क्षेत्र में स्थित एक प्राचीन नगर है जो की क्षिप्रा नदी के पूर्वी किनारे पर वसा हुआ है। प्राचीन काल में इसे उज्जयिनी कहा जाता था। जैसा की महाभारत में वर्णित है उज्जयिनिं नगर अवन्ती राज्य की राजधानी था। उज्जैन सात पवित्र तथा मोक्षदायिनी नगरियों में से एक है इन मोक्षदायिनी नगरियो के नाम इस प्रकार हैं – अयोध्या, वाराणसी, मथुरा, हरिद्वार, […]

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2005, 2018

श्री शैल मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग / Sri Sailam Mallikarjuna Jyotirlinga

श्री मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग आंध्रप्रदेश में कृष्णा नदी के तट पर श्रीशैल नाम के पर्वत पर स्थित है। इस मंदिर का महत्व भगवान शिव के पर्वत कैलाश के समान कहा गया है। महाभारत, शिवपुराण तथा पद्मपुराण आदि धर्मग्रंथों में इसकी महिमा का विस्तार से वर्णन किया गया है। कहते हैं कि मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने मात्र से ही व्यक्ति को उसके सभी पापों से मुक्ति मिलती है।

एक पौराणिक कथा […]

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1705, 2018

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग / Somnath Jyotirlinga Temple History

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग भारत का ही नहीं अपितु इस पृथ्वी का पहला ज्योतिर्लिंग है। सोमनाथ मंदिर गुजरात राज्य के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित है। इस मंदिर के बारे में मान्यता है, कि जब चंद्रमा को प्रजापति दक्ष ने श्राप दिया था, कि तुम्हारा शरीर धीरे-धीरे क्षीण हो जाएगा। तब राजा दक्ष के श्राप के बाद चंद्रमा का शरीर धीरे-धीरे नष्ट होने लगा। श्राप के कारण, दुनिया के सभी जीव जंतुओ को […]

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505, 2018

Shri Banke Bihari Chalisa in Hindi

श्री बाँकेबिहारी चालीसा
दोहा
बांकी चितवन कटि लचक, बांके चरन रसाल ।
स्वामी श्री हरिदास के बांके बिहारी लाल ।।
।। चौपाई ।।
जै जै जै श्री बाँकेबिहारी ।
हम आये हैं शरण तिहारी ।।
स्वामी श्री हरिदास के प्यारे ।
भक्तजनन के नित रखवारे ।।
श्याम स्वरूप मधुर मुसिकाते ।
बड़े-बड़े नैन नेह बरसाते ।।
पटका पाग पीताम्बर शोभा ।
सिर सिरपेच देख मन लोभा ।।
तिरछी पाग मोती लर बाँकी ।
सीस टिपारे सुन्दर झाँकी ।।
मोर […]

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2704, 2018

Ekadashi Vrat Dates and Fast

एकादशी व्रत तिथि
एकादशी क्या है, आज एकादशी के नाम पर अनेक भ्रांतियों फैला दी है। भगवान शिव किस एकादशी की बात करे है?यह जानने का प्रयास नही करते।

एकादशी संस्कृत का शब्द है इसका अर्थ है ग्यारह(11)

पाँच हमारी कर्म इन्द्रियाँ
पाँच हमारी ज्ञान इन्द्रियाँ
एक हमारा मन

यानि इन ग्यारह को एकाग्र करके उस ईश्वर के ध्यान मे लगा दो ,ईश्वर को देख कर जब हम ध्यान करेगे ,तो हमे भूख प्यास का पता […]

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