Brij Mandal Ke Parchin Or Madhya Kalin Sant

0
190
Kesi Ghat Vrindavan
Kesi Ghat Vrindavan

बृज मंडल के प्राचीन एवं मध्यकालीन संत

ब्रज मंडल (वृंदावन, गोवर्धन, नंदगांव, बरसाना आदि क्षेत्रों सहित) संत परंपरा की अत्यंत समृद्ध भूमि रही है। यहां अनेक महान संतों ने जन्म लिया, भक्ति की साधना की, और श्रीराधा-कृष्ण प्रेम को जन-जन तक पहुँचाया।

  • श्री हित हरिवंश जी – राधावल्लभ संप्रदाय के प्रवर्तक
  • श्री वल्लभाचार्य जी – पुष्टिमार्ग संप्रदाय के प्रवर्तक
  • श्री चैतन्य महाप्रभु जी – गौड़ीय वैष्णव परंपरा के प्रमुख
  • श्री रूप गोस्वामी जी
  • श्री सनातन गोस्वामी जी
  • श्री रघुनाथ भट्ट गोस्वामी
  • श्री जीव गोस्वामी जी
  • श्री लोकनाथ गोस्वामी जी
  • श्री मीराबाई – राधा-कृष्ण प्रेम की महान भक्त
  • हरिदास ठाकुर – नामस्मरण के प्रचारक
  • श्री नरसी मेहता
  • सूरदास जी – राधा-कृष्ण की लीला के अनुपम वर्णनकर्ता
  • तुलसीदास जी – यद्यपि अयोध्या से थे, परंतु ब्रज में साधना की
  • रसखान – मुस्लिम होते हुए भी कृष्ण के अनन्य भक्त
  • अवधबिहारी दास जी

आधुनिक संत (20वीं-21वीं सदी)

  • श्री प्रेमानंद जी महाराज – वृंदावन के महान विरक्त संत
  • श्री रमण बिहारी दास जी महाराज
  • श्री राधा बाबा – भाव और रस के आचार्य
  • श्री जुगल किशोर जी महाराज (रासिक संत)
  • श्री करपात्री जी महाराज
  • श्री गोपाल दास बाबा जी – राधा-कृष्ण लीला रस में लीन संत
  • श्री श्री 1008 संत रामाश्रय दास जी महाराज (नारायण आश्रम)
  • श्री पंडित रामकिंकर जी – कथाकार और संत
  • श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज – भागवत कथा वाचक
  • श्री मुरारी बापू – रामकथा वाचक, ब्रज भाव के गायक
  • श्री रासबिहारी शरण जी महाराज (गोवर्धन)
  • श्री पायल बाबा जी – वृंदावन स्थित युवा संत
  • श्री अनंतदास बाबा जी (राधाकुंड) – राधारानी के अनन्य भक्त

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here