Nand Bhawan Temple Nandgaon

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Nandbaba Pure Parivar Sahit Nand Bhawan
Nandbaba Pure Parivar Sahit Nand Bhawan

नंदगांव और नंदभवन: जहाँ नंदलाल के कदमों ने धरा को धन्य किया

बृज मंडल का हर एक कण कृष्ण-प्रेम, भक्ति और दिव्यता में डूबा हुआ है। यहाँ की मिट्टी भी पावन मानी जाती है, क्योंकि इसी धरती पर भगवान श्रीकृष्ण ने अपने बाल-रूप में लीलाएँ कीं, गोप-गोपियों के साथ हँसे-खेले और मातृ प्रेम, सखा प्रेम तथा भक्त प्रेम का उच्चतम उदाहरण प्रस्तुत किया।

इसी पावन ब्रजभूमि में स्थित है, कान्हा का गांव नंदगांव, भगवान श्रीकृष्ण का बाल्यकाल का घर, और नंदभवन, जहाँ नंदबाबा, यशोदा माँ, बलराम जी और स्वयं नंदलाल श्रीकृष्ण विराजे हैं।

Dron View Nand Bhawan Temple Nandgaon
Nand Bhawan Temple Nandgaon Photo

जो श्रद्धालु भक्त नंदगांव आते हैं, वह केवल एक स्थान नहीं देखते, वह एक युग में प्रवेश करते हैं, जहाँ मैया-यशोदा की ममता, कान्हा की मुस्कान और ग्वालबालों की हँसी अब भी वातावरण में गूँजती महसूस होती है।

कान्हा का नंदगांव कहाँ स्थित है?

नंदगांव (नंदीग्राम) उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थित है। यह कन्हैया की लीलाभूमि गोवर्धन और वृन्दावन के निकट है। चारों ओर पहाड़ियों और प्राकृतिक सुंदरता से घिरा यह स्थान ब्रज भक्तों का आध्यात्मिक केन्द्र है।

नंदगांव मुख्यतः नंदीश्वर पर्वत पर बसा है — यह वही पर्वत है जिस पर भगवान शंकर ने तपस्या की और बाद में श्रीकृष्ण के पिता नंदबाबा ने उसे अपना निवास बनाया।

Nand Bhawan Temple Nandgaon
Nand Bhawan Temple Nandgaon

नंदभवन का ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व

नंदभवन वह स्थान है जहाँ

  • नंदबाबा और यशोदा माता ने श्रीकृष्ण का पालन-पोषण किया
  • श्रीकृष्ण और बलराम ने बचपन बिताया
  • ग्वाल-बालों के साथ खेल-कूद और लीलाएँ हुईं
  • माँ यशोदा ने दही-मक्खन का भोग लगाया
  • बाँसुरी की मधुर धुन ने बृजभूमि को जीवंत किया

नंदभवन की वास्तु कला / स्थापत्य कला

नंदभवन एक सुंदर, प्राचीन और आध्यात्मिक संरचना है।

  • सफेद पत्थर के विशाल आँगन हैं।
  • ऊँचे-ऊँचे स्तंभ हैं
  • पहाड़ी पर महल, खुली हवा, जहाँ से ब्रज का सुंदर नजारा दिखाई देता है।
  • शांति और भक्ति से भरा वातावरण हैं।

मंदिर के मुख्य गर्भगृह में बाबा नंद, यशोदा मैया, प्रभु बालकृष्ण और बलदाऊ दादा की मूर्तियाँ भक्तों को दर्शन देती हैं। यहाँ प्रवेश करते ही मन शुद्ध, हृदय हल्का और आत्मा आनंदित हो जाती है।

Nand Bhawan Mandir Ke Under Ka View
Shri Krishna Childhood Home Nandgaon

कान्हा की बाल-लीलाएँ और ब्रज का मातृभाव

नंदगांव ब्रज की मातृ-भावना का घर है।

यहीं वह ममता है जहाँ —

  • मैया यशोदा ने नन्हे कृष्ण को काजल लगाया।
  • कृष्णा ने ग्वाल-वाल सखा संग दही-माखन की मस्ती की।
  • यही वह ब्रज है जहां गोपियाँ और कृष्ण की मनमोहक शरारतें हुईं।

यही भूमि कहती है —

“कन्हैया (कनुआ) तो हमारे ही गाँव कौ बालक है।”
और यह भाव हर भक्त के हृदय को प्रेम से भर देता है।

Nand Bhawan Temple Nandgaon
Nand Bhawan Temple Nandgaon

पौराणिक कथा: नंदीश्वर पर्वत और शिवजी

मान्यता है कि भगवान शंकर ने श्रीकृष्ण-दर्शन की इच्छा से इस पर्वत पर कठोर तपस्या की थी।
भगवान ने उन्हें वरदान दिया कि:
“यह पर्वत नंदबाबा और मेरे बाल-रूप का घर बनेगा।”
और तब से यह पर्वत नंदीश्वर पर्वत के नाम से प्रसिद्ध हुआ।

कैसे पहुँचे?

  • निकटतम स्टेशन: मथुरा जंक्शन
  • दूरी: मथुरा से ~ 55 किमी.
  • वृंदावन से दूरी: ~ 48 किमी.
  • सर्वोत्तम समय: सर्दी और वसंत ऋतु

Nand Bhawan Temple Nandgaon Address and Location with Google Map

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