त्र्यंबकेश्वर मंदिर के अंदर एक गङ्ढे में तीन छोटे-छोटे लिंग है, जिन्हें भगवान ब्रह्मा, विष्णु और शिव का प्रतीक माना जाता हैं। त्र्यंबकेश्वर की सबसे बड़ी विशेषता ये है कि इस ज्योतिर्लिंग में भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों ही विराजित हैं। काले पत्थरों से बना ये मंदिर देखने में बहुत ही सुंदर है।
एक समय की बात है जब गौतम ऋषि पर षड्यंत्र कर अन्य ऋषियों ने उन्हें गोहत्या में फंसा दिया, तब ऋषि गौतम ने भगवान शिवजी का पार्थिव लिंग बना कर कई वर्षो तक उपासना की। गौतम की तपस्या से भगवान शिव ज्योति रूप से प्रकट हुए और उन्हें पाप मुक्त किया।
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