Shirmad Bhagavad Gita

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Shirmad Bhagavad Gita Chapter-08 (Part-08) in Hindi.mp3

March 5th, 2017|


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जिससे जीव माया के आधिपत्य से निकल कर आत्मा के आधिपत्य में होजाता है वही अध्यात्म है। और भूतो के वह भाव जो शुभ अथवा अशुभ संस्कारो को उत्पन करते है। उन भावो का रुक जाना विसर्ग – मिट जाना ही कर्म की सम्पूर्णता है। इसके आगे कर्म करने कि आवश्यकता […]

Shirmad Bhagavad Gita Chapter-07 (Part-07) in Hindi.mp3

March 5th, 2017|


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भागवत गीता भाग ७ सारांश / निष्कर्ष :- समग्र जानकारी

इस सातवें अध्याय में योगेश्वर श्रीकृष्ण ने बताया की – अनन्य भाव से मुझमें समर्पित होकर, मेरे आश्रित होकर जो योग में लगता है वह समग्र रूप से मुझे जनता है। मुझे जानने के लिये हजारो में कोई विरला ही प्रयत्न करने वालो […]

Shirmad Bhagavad Gita Chapter-06 (Part-06) in Hindi.mp3

March 5th, 2017|


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भागवत गीता भाग ६ सारांश / निष्कर्ष :- अभ्यासयोग

इस अध्याय के आरम्भ मे योगेश्वर श्रीकृष्ण ने कहा कि फल के आश्रय से रहित होकर जो “कार्यम् कर्म” अर्थात् करने योग्य प्रक्रिया-विशेष का आचरण करता है। वही सन्याशी है और उसी कर्म को करने वाला ही योगी है। केवल क्रियाओं अथवा अग्नि को […]

Shirmad Bhagavad Gita Chapter-05 (Part-05) in Hindi.mp3

March 5th, 2017|


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भागवत गीता भाग ५ सारांश / निष्कर्ष :- यज्ञभोक्ता महापुरुषस्थ महेश्वर
इस अध्याय के आरम्भ में अर्जुन ने प्रश्न किया कि कभी तो आप निष्कर्म कर्मयोग की प्रशंसा करते है और कभी आप सन्यास मार्ग से कर्म करने की प्रशंसा करते है, अत: दोनों में एक को, जो आपने सुनिश्चित किया हो, परमकल्याणकारी […]

Shirmad Bhagavad Gita Chapter-04 (Part-04) in Hindi.mp3

March 5th, 2017|


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भागवत गीता भाग ४ सारांश / निष्कर्ष :- यज्ञकर्म स्पष्टीकरण
इस अध्याय के आरम्भ में योगेश्वर श्रीकृष्ण ने कहा कि इस योग को आरम्भ में मैने सूर्य के प्राप्ति कहा, सूर्य ने मनु से और मनु ने इक्ष्वाकु के प्रति कहा और उन से राजर्षियों ने जाना। मैंने अथवा अव्यक्त स्थितिवाले ने कहा। […]

Shirmad Bhagavad Gita Chapter-03 (Part-03) in Hindi.mp3

March 5th, 2017|


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भागवत गीता भाग ३ सारांश / निष्कर्ष :- शत्रुविनाश – प्रेरणा

बहुधा गीता प्रेमी व्याख्याताओं ने इस अध्याय को कर्म योग का नाम दिया है, किन्तु ये सांगत नहीं है। दुसरे अध्याय में योगेश्वर ने कर्म का नाम लिया है। उन्होंने कर्म के महत्व का प्रतिपादन कर उसमे कर्मजिज्ञासा जाग्रत की और इस […]

Shirmad Bhagavad Gita Chapter-02 (Part-02) in Hindi.mp3

March 5th, 2017|


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भागवत गीता भाग २ सारांश / निष्कर्ष :- कर्म – जिज्ञासा
प्रायः कुछ लोग कहते है, कि दूसरे अध्याय में गीता पूरी हो गयी। किन्तु केवल कर्म का नाम मात्र लेने से कर्म पूरा हो जाता हो। तब तो गीता का समापन माना जा सकता है। इस अध्याय में योगेश्वर श्रीकृष्ण ने यही […]

Shirmad Bhagavad Gita Chapter-01 (Part-01) in Hindi.mp3

March 5th, 2017|


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भागवत गीता भाग १ सारांश / निष्कर्ष :- संशय विषाद योग
गीता क्षेत्र – क्षेत्रज्ञ के युद्ध का निरूपण है। यह ईश्वररिय विभूतियों से संपन्न भगवत स्वरुप को दिखाने वाला गायन है। यह गायन जिस क्षेत्र में होता है वह युद्ध क्षेत्र शरीर है। जिसमें दो प्रवृतियां हैं धर्मक्षेत्र और कुरुक्षेत्र, उन सेनाओं […]