206, 2018

रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग / Rameshwaram Jyotirlinga

यह ज्योतिर्लिंग तमिलनाडु राज्य के रामनाड जिले में स्थित है। भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक होने के साथ-साथ यह स्थान हिंदुओं के चार धामों में भी आता है। इस ज्योतिर्लिंग के विषय में यह मान्यता है कि रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग की स्थापना स्वयं भगवान श्रीराम ने की थी। भगवान राम के द्वारा स्थापित होने के कारण ही इस ज्योतिर्लिंग को रामेश्वरम कहा गया है।

श्री रामेश्वरम् की स्थापना […]

Read More

106, 2018

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग / Trimbakeshwar Jyotirlinga

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग गोदावरी नदी के करीब महाराष्ट्र राज्य के नासिक जिले में स्थित है। यह ज्योतिर्लिंग ब्रह्मागिरि नामक पर्वत पर है। इसी पर्वत से गोदावरी नदी का उद्गम होता है। भगवान भोलेनाथ का एक नाम त्र्यंबकेश्वर भी है। यह ज्योतिर्लिंग समस्त पुण्यों को प्रदान करने वाला है और समस्त कष्ट को हरने वाला है।

त्र्यंबकेश्वर मंदिर के अंदर एक गङ्ढे में तीन छोटे-छोटे लिंग है, जिन्‍हें भगवान ब्रह्मा, विष्णु […]

Read More

106, 2018

काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग / Kashi Vishwanath Jyotirlinga

काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह उत्तर प्रदेश के काशी शहर में स्थित है। गंगा तट स्थित काशी विश्वनाथ शिवलिंग का दर्शन हिंदुओं के लिए सबसे पवित्र है। सभी धर्म स्थलों में काशी का अत्यधिक महत्व बताया गया है। काशी की मान्यता है कि प्रलय आने पर भी यह स्थान बना रहेगा। क्योकि इसकी रक्षा के लिए भगवान शिव इस स्थान को अपने त्रिशूल […]

Read More

3005, 2018

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग / Bhimashankar Jyotirlinga

श्री भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के पूणे जिले में सह्याद्रि नामक पर्वत पर स्थित है। श्री भीमाशंकर के शिवलिंग को ही शिव का छठा ज्योतिर्लिंग कहते हैं। श्री भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग को मोटेश्वर महादेव के नाम से भी जाना जाता है। भीमाशंकर मंदिर के विषय में मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धा से भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर का दर्शन प्रतिदिन सुबह सूर्य निकलने के बाद करता है, उसके सभी जन्मों के पाप दूर […]

Read More

3005, 2018

बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग / Baidyanath Jyotirlinga

श्री वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग का समस्त शिवलिंगों की गणना में नौवां स्थान बताया गया है। भगवान श्री वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग का मन्दिर जिस स्थान पर स्थित है, उसे वैद्यनाथ धाम कहा जाता है। यह स्थान झारखंड राज्य के देवघर जिला में पड़ता है। परंपरा और पौराणिक कथाओं से पता चलता है की देवघर स्थित श्रीवैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग को ही प्रमाणिक मान्यता है। हर साल लाखों श्रद्धालु सावन के माह में सुलतानगंज से […]

Read More

2905, 2018

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग / Nageshvara Jyotirlinga

श्रीनागेश्वर ज्योतिर्लिंग बड़ौदा में गोमती द्वारका से बारह-तेरह मील की दूरी स्थित है। धर्म शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव नागों के देवता है और नागेश्वर का पूर्ण अर्थ नागों का ईश्वर है। भगवान शिव जी का एक अन्य नाम नागेश्वर भी है। नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन की शास्त्रों में बड़ी महिमा बताई गई है।

श्री नागेश्वर शिवलिंग की स्थापना के संबंध में कथा इस प्रकार है कि एक धर्मात्मा, […]

Read More

2505, 2018

केदारनाथ ज्योतिर्लिंग / Kedarnath Jyotirlinga

केदारनाथ ज्योतिर्लिंग भी भगवान शिव के १२ प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में आता है। यह उत्तराखंड में हिमालय की केदार नामक चोटी पर स्थित है। बाबा केदारनाथ का मंदिर बद्रीनाथ धाम के मार्ग पर स्थित है। केदारनाथ समुद्र तल से ३५८४ मीटर की ऊँचाई पर है। केदारनाथ का वर्णन स्कन्द पुराण एवं शिव पुराण में भी पाया जाता है। यह तीर्थ भगवान शिव को अति प्रिय है। जिस प्रकार का महत्व भगवान […]

Read More

2305, 2018

ओंकारेश्वर ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग / Omkareshwar Mamleshwar Jyotirling

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश के शहर इंदौर के समीप स्थित है। जिस स्थान पर यह ज्योतिर्लिंग स्थित है, वहाँ पर नर्मदा नदी बहती है और पहाड़ी के चारों ओर नदी के बहने से यहां ऊं का आकार बनता है। ऊं शब्द की उत्पति भगवान ब्रह्मा जी के मुख से हुई है। इसलिए किसी भी धार्मिक शास्त्र या वेदों का पाठ ऊं के साथ किया जाता है। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग ॐकार अर्थात […]

Read More

2305, 2018

महाकाल ज्योतिर्लिंग / Mahakaal Jyotirlinga Ujjain

भारत के हृदयस्थल मध्यप्रदेश में उज्जैन के मालवा क्षेत्र में स्थित एक प्राचीन नगर है जो की क्षिप्रा नदी के पूर्वी किनारे पर वसा हुआ है। प्राचीन काल में इसे उज्जयिनी कहा जाता था। जैसा की महाभारत में वर्णित है उज्जयिनिं नगर अवन्ती राज्य की राजधानी था। उज्जैन सात पवित्र तथा मोक्षदायिनी नगरियों में से एक है इन मोक्षदायिनी नगरियो के नाम इस प्रकार हैं – अयोध्या, वाराणसी, मथुरा, हरिद्वार, […]

Read More

2005, 2018

श्री शैल मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग / Sri Sailam Mallikarjuna Jyotirlinga

श्री मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग आंध्रप्रदेश में कृष्णा नदी के तट पर श्रीशैल नाम के पर्वत पर स्थित है। इस मंदिर का महत्व भगवान शिव के पर्वत कैलाश के समान कहा गया है। महाभारत, शिवपुराण तथा पद्मपुराण आदि धर्मग्रंथों में इसकी महिमा का विस्तार से वर्णन किया गया है। कहते हैं कि मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने मात्र से ही व्यक्ति को उसके सभी पापों से मुक्ति मिलती है।

एक पौराणिक कथा […]

Read More

1705, 2018

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग / Somnath Jyotirlinga Temple History

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग भारत का ही नहीं अपितु इस पृथ्वी का पहला ज्योतिर्लिंग है। सोमनाथ मंदिर गुजरात राज्य के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित है। इस मंदिर के बारे में मान्यता है, कि जब चंद्रमा को प्रजापति दक्ष ने श्राप दिया था, कि तुम्हारा शरीर धीरे-धीरे क्षीण हो जाएगा। तब राजा दक्ष के श्राप के बाद चंद्रमा का शरीर धीरे-धीरे नष्ट होने लगा। श्राप के कारण, दुनिया के सभी जीव जंतुओ को […]

Read More

505, 2018

Shri Banke Bihari Chalisa in Hindi

श्री बाँकेबिहारी चालीसा
दोहा
बांकी चितवन कटि लचक, बांके चरन रसाल ।
स्वामी श्री हरिदास के बांके बिहारी लाल ।।
।। चौपाई ।।
जै जै जै श्री बाँकेबिहारी ।
हम आये हैं शरण तिहारी ।।
स्वामी श्री हरिदास के प्यारे ।
भक्तजनन के नित रखवारे ।।
श्याम स्वरूप मधुर मुसिकाते ।
बड़े-बड़े नैन नेह बरसाते ।।
पटका पाग पीताम्बर शोभा ।
सिर सिरपेच देख मन लोभा ।।
तिरछी पाग मोती लर बाँकी ।
सीस टिपारे सुन्दर झाँकी ।।
मोर […]

Read More

2704, 2018

Ekadashi Vrat Dates and Fast

एकादशी व्रत तिथि
एकादशी क्या है, आज एकादशी के नाम पर अनेक भ्रांतियों फैला दी है। भगवान शिव किस एकादशी की बात करे है?यह जानने का प्रयास नही करते।

एकादशी संस्कृत का शब्द है इसका अर्थ है ग्यारह(11)

पाँच हमारी कर्म इन्द्रियाँ
पाँच हमारी ज्ञान इन्द्रियाँ
एक हमारा मन

यानि इन ग्यारह को एकाग्र करके उस ईश्वर के ध्यान मे लगा दो ,ईश्वर को देख कर जब हम ध्यान करेगे ,तो हमे भूख प्यास का पता […]

Read More

1604, 2018

Sri Madan Mohan Temple Vrindavan

चटोरे मदनमोहन
सनातन गोस्वामी जी मथुरा में एक चौबे जी के घर मधुकरी के लिए जाया करते थे। उन चौबे की स्त्री परमभक्त और मदन मोहन जी की उपासिका थी, उनके घर बाल भाव से मदन मोहन भगवान विराजते थे। असल में सनातन जी उन्ही मदन मोहन जी के दर्शन हेतु प्रतिदिन मधुकरी के बहाने चौबे जी के घर जाया करते थे। मदन मोहन जी तो ग्वार ग्वाले ही ठहरे ये […]

Read More

904, 2018

Gaya Tirth Ki Katha

गया तीर्थ की कथा

ब्रह्माजी जब सृष्टि की रचना कर रहे थे, उस समय उनसे असुर कुल में गया नामक असुर की रचना हो गई। गया असुरों की संतान रूप में पैदा नहीं हुआ था, इसलिए उसमें आसुरी प्रवृति नहीं थी। वह सभी देवताओं का सम्मान और आराधना करता था। उसके मन में एक बात खटक रही थी। वह सोचा करता था कि भले ही मेरा स्वभाव संत प्रवृति का है […]

Read More

1702, 2018

Mahashivratri Kalyanmayee Ratri

महाशिवरात्रि कल्याणमयी रात्रि
‘स्कन्द पुराण’ के ब्रह्मोत्तर भाग में आता है कि ‘शिवरात्रि का उपवास अत्यंत दुर्लभ बताया गया है। उसमें जागरण करना तो मनुष्यों के लिए और दुर्लभ है। लोक में ब्रह्मा आदि देवता और वसिष्ठ आदि मुनि इस चतुर्दशी की भूरि भूरि प्रशंसा करते नहीं थकते हैं। इस दिन यदि किसी ने उपवास किया तो उसे सौ यज्ञों से भी अधिक पुण्य मिलता होता है।

‘शिव’ का तात्पर्य है ‘कल्याण’ […]

Read More

1702, 2018

Mathura Vrindavan Barsana And Duaji Holi Festival Dates 2019

मित्रों ब्रज की विश्व व्यख्यात् लठामार होली का ढाडा बसंत पंचमी को गढ गया है। बसंत पंचमी से पुर ब्रज में होली महोत्सव शुरू हो चुका है। ब्रज के समस्त मन्दिरों में और ब्रज के गाँवों में व समस्त ब्रज में होली का रंग बरसना शुरू हो चुका है। पुरे विश्व में होली की शुरूआत ब्रज के बाबा बृषभानु के निज गाँव बरसाना से शुरू होती है जो अनन्तों ब्रह्माण्डों […]

Read More

1202, 2018

Masik Maha Shivratri Vrat Katha, Mahtva, Pooja Vidhi in Hindi

महाशिवरात्रि व्रत, कथा, पूजाविधि और व्रत सामग्री

देवों के देव भगवान भोले नाथ के भक्तों के लिये महाशिवरात्रि का व्रत विशेष महत्व रखता हैं। यह पर्व फाल्गुन कृ्ष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन मनाया जाता है। इस दिन का व्रत रखने से भगवान भोले नाथ शीघ्र प्रसन्न हों, उपवासक की मनोकामना पूरी करते हैं। इस व्रत को सभी स्त्री-पुरुष, बच्चे, युवा, वृ्द्धों के द्वारा किया जा सकता हैं।

महाशिवरात्रि के दिन […]

Read More

2701, 2018

Braj ki Chaaha ki Mahima

ब्रज की छाछ की महिमा
एक बार जब भगवान श्रीकृष्ण लीला कर रहे थे। तो ब्रह्मा, शिव, इंद्र इत्यादि सभी देवता ठाकुर जी के निकट आये। क्या देखा कि ठाकुर जी अपने हाथ में पीछे कुछ छुपा रहे है। तब देवता बोले – भगवन आप क्या छुपा रहे हो? भगवान चुपचाप खड़े रहे हाथ में एक पात्र रखा हुआ है और उसको पीछे छुपा रखा है।

देवताओ ने फिर पूछा – प्रभु […]

Read More

2101, 2018

Makar Sankranti in Hindi

मकर संक्रांति का महत्व

पुराणों के अनुसार मकर संक्रांति के दिन सूर्यदेव अपने पुत्र शनिदेव के घर एक महीने के लिए जाते हैं, क्योंकि मकर राशि का स्वामी शनि है। हालांकि ज्योतिषीय दृष्टि से सूर्य देव और शनिदेव का तालमेल संभव नहीं, लेकिन इस दिन सूर्यदेव खुद अपने पुत्र शनिदेव के घर जाते हैं। इसलिए पुराणों में यह दिन पिता-पुत्र के संबंधों में निकटता की शुरुआत के रूप में भी देखा […]

Read More