श्री द्वारिकाधीश जी मन्दिर मथुरा

श्री द्वारकाधीश मन्दिर मथुरा नगरी के बीचोबीच, यमुना नदी के किनारे पर स्थित है। श्री द्वारकाधीश मन्दिर की भावियता देखते ही बनती है। एक बार मन्दिर देख लेने पर मन्दिर से नजर ही नहीं हटती है। मन्दिर मैं सीढ़ियों से ऊपर चढ़ते ही भगवन श्री राजा अधिराज द्वारकाधीश जी महाराज के दर्शन होते है। जिनके दर्शन करते ही मन मैं अपने आप भक्ति जागने लगती है। ऐसा लगता है जैसे भगवन श्री कृष्णा के (सकचत) दर्शन हो रहे हो। श्री द्वारकाधीश जी के अतियन्त सुन्दर बिग्रह के बाये श्री रूखमणी जी बिराज मान है। श्री राजा अधिराज के आसपास लडुगोपाल और श्री राधा कृष्णा के अन्य बिग्रह बिराजमान है। श्री द्वारकाधीश मंदिर मैं श्री भगवन श्री कृष्णा के और भी मंदिर है। मंदिर मैं भगवन श्री सलेगिराम और श्री गरिराज महाराज के मंदिर भी है।

श्री राजा अधिराज जी के छत और दीवारो पर सुन्दर चित्रो के दुआरा श्री राजा अधिराज के अन्य रूपों को दर्शाया गया है। और भगवान श्री कृष्णा की अनेको लीलाओं का चित्रण किया गया है। जिन्हे देख कर ऐसा लगता है जैसे हम द्वापरयुग मैं ही आ गये हो।

श्री द्वारकाधीश मंदिर का निर्माण सेठ श्री गोकुल दास पारीक ने सन 1814 मैं कर बाँया था।

कैसे पहूचे :-

मथुरा सिटी डेल्ही से 145 किमी और आगरा से 60 किमी की दुरी पर है। आप डेल्ही से मथुरा रेलगाड़ी, बस और टैक्सी से भी आ सकते है। मथुरा सिटी मैं श्री द्वारकाधीश मंदिर पहुंच ने के लिए लोकल साधन भी है जैसे रिक्सा