वृंदावन परिक्रमा, वृंदावन के चारों ओर भक्तों द्वारा किए गए एक आध्यात्मिक पैदल दूरी है। वृंदावन परिक्रमा मार्ग 10 किलोमीटर, जिसको भक्तो द्वारा लगभग 3 घंटो में पूरा किया जा सकता है। यह परिक्रमा किसी भी स्थान से प्रारम्भ की जा सकती है। परन्तु जहा से परिक्रमा शुरु की जाये वही पर परिक्रमा को विराम देना चाहिए। पंचकोसी वृन्दावन परिक्रमा  मुख्यतः एकादशी को लगाई जाती है। पंचकोसी वृन्दावन परिक्रमा में आने वाले प्रमुख स्थान।

Vrindavan Parikarma

श्री सुदामा कुटीर, रामबाग घाट, जगन्नाथ घाट, श्री जगन्नाथ मंदिर, टाटियास्थान, चेतन्य कुटीर, पानी घाट, राधाबाग घाट, श्री हनुमान जी का मंदिर, आदिबद्री घाट, राजघाट, श्री मन महाप्रभुजी की बैठक, श्री चामुण्डा देवी मंदिर, वैरागी बाबा का आश्रम, श्री गोरे दाऊजी मंदिर, रामनाम गुफा, भक्तानन्दता आश्रम, ललिता आश्रम, राधा कुआ, श्री भक्तिवेदान्त गेट, श्री राम मंदिर, श्री वन बिहार, श्री निताई-गोरांग भवन, श्री निम्बार्क सदन, श्री वाराह भगवान मंदिर, वाराह घाट, अधेत घाट, युगल घाट, इमलितला घाट, प्रतापरूद्र घाट, श्रृंगार वट घाट, गोविन्द घाट, चीर घाट, भ्रमर घाट, केशी घाट, धीरसमीर घाट से पुनः श्री सुदामा कुटीर आकर परिक्रमा पूरण करते है। परिक्रमा के समय मे सभी भक्तो को भगवान का ध्यान करना चाहिये और कुछ भी खाना पीना नही चाहिये। जब तक परिक्रमा पूर्ण नही हो जाती।

Vrindavan Parikarma