2101, 2017

Peepal Ke Vrksh Kee Atyant Mahatv Kyon

पीपल के वृक्ष की अत्यंत महत्ता क्यों

सनातन धर्म मे पीपल के वृक्ष की अत्यंत महत्ता मानी गई है। पीपल की पूजा का महत्व अधि‍क होने के पीछे कई कारण हैं। आध्यात्मि‍क रूप से देखें, तो इसे वृक्षों मे सबसे अधिक पवित्र माना गया है। साथ ही पर्यावरण मित्र की भूमिका भी निभाता है। पीपल मे पित्रों का वास भी माना गया है। गीता मे भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं –

‘अश्वत्थ: सर्ववृक्षाणाम् […]

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2101, 2017

Prem Karate Raho Mai To Tumhe Svayan Mil Jaoonga

प्रेम करते रहो मै तो तुम्हे स्वयं मिल जाऊंगा

एक व्यक्ति बहुत नास्तिक था उसको भगवान पर विश्वास नहीं था। एक बार उसके साथदुर्घटना घटित हुई वो रोड पर पड़ा पड़ा सबकी ओर कातर निगाहों से मदद के लिए देख रहा था। पर कलियुग का इंसान – किसी इंसान की मदद जल्दी नहीं करता, मालूम नहीं क्यों, वो येही सोच कर थक गया । तभी उसके नास्तिक मन नेअनमने से प्रभु […]

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2101, 2017

Kuber Ka Ahankaar

कुबेर का अहंकार

कुबेर तीनों लोकों में सबसे धनी थे। एक दिन उन्होंने सोचा कि हमारे पास इतनी संपत्ति है, पर कम ही लोगों को इसकी जानकारी है। इसलिए उन्होंने अपनी संपत्ति का प्रदर्शन करने के लिए एक भव्य भोज का आयोजन करने की बात सोची और उसमे तीनों लोकों के सभी देवताओं को आमंत्रित किया गया! भगवान शिव उनके इष्ट देवता थे। इसलिए उनका आशीर्वाद लेने वह कैलाश पहुंचे और […]

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2101, 2017

Aaj Shree Narad Ji Ke Bhakti Bhav Ke Bare Me Bhaav Rakhate Hai

आज श्री नारद जी के भक्ति भाव के बारे मे भाव रखते है

अगर वेदों शास्त्रों में पड़े तब यह जानेंगे के श्री नारदजी श्री विष्णुजी के चौबीस अवतारों में एक अवतार है परंतु यह सब तो ” लोक आदि को शिक्षा आदि देने के लिए लिख दिया ताकि नारदजी अवतारों में गिने जाए और उनका महारसिकतत्व कोई ना जान पाए क्यूँकि श्री कृष्ण प्रेम अति गोपनीय है और श्री कृष्ण […]

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2101, 2017

Achchha Kabhee Vakt Aaega To Bataoonga

अच्छा कभी वक्त आएगा तो बताऊंगा

श्री कृष्ण ने टालना चाहा, लेकिन सुदामा की जिद पर श्री कृष्ण ने कहा, “अच्छा, कभी वक्त आएगा तो बताऊंगा। और फिर एक दिन कृष्ण कहने लगे, सुदामा, आओ, गोमती में स्नान करने चलें| दोनों गोमती के तट पर गए। वस्त्र उतारे, दोनों नदी में उतरे श्रीकृष्ण स्नान करके तट पर लौट आए। पीतांबर पहनने लगे, सुदामा ने देखा, कृष्ण तो तट पर चला गया […]

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2101, 2017

Kharidari Ke Lie Ravipushyaamrt Yog Hee Kyon Khaas

खरीदारी के लिए रविपुष्यामृत योग ही क्यों खास

कल 23 अक्टूबर 2016 दिन रविवार को प्रातः 06:13 से रात्रि 01:43 बजे तक रविपुष्य योग है । इसमें किया गया जप तप दान आदि अक्षय होता है। 23 अक्टूबर 2016 रविवार को ( सूर्योदय प्रातः 06:13 बजे से रात्रि 01:43 तक ) रविपुष्यामृत योग है। बरगद के पत्ते पर गुरुपुष्य या रविपुष्य योग में हल्दी से स्वस्तिक बनाकर घर में रखें।

बाजार से […]

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2101, 2017

Kaartik Maas Mein 7 Niyam

कार्तिक मास में 7 नियम

पुराणों में कहा है कि भगवान नारायण ने ब्रह्मा को, ब्रह्मा ने नारद को और नारद ने महाराज पृथु को कार्तिक मास के सर्वगुण संपन्न माहात्म्य के संदर्भ में बताया है। कार्तिक मास में 7 नियम प्रधान माने गए हैं, जिन्हें करने से शुभ फल मिलते हैं और हर मनोकामना पूरी होती है। ये 7 नियम इस प्रकार हैं।

दीपदान – धर्म शास्त्रों के अनुसार, कार्तिक मास […]

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2101, 2017

Sabse Bada Rog Kya Kahenge Log

सबसे बडा रोग, क्या कहेंगे लोग

बौद्ध भिक्षुक किसी नदी के पनघट पर गया और पानी पीकर पत्थर पर सिर रखकर सो गया। पनघट पर पनिहारिन आती-जाती रहती हैं तो तीन-चार पनिहारिनें पानी के लिए आईं तो एक पनिहारिन ने कहा, आहा! साधु हो गया, फिर भी तकिए का मोह नहीं गया। पत्थर का ही सही, लेकिन रखा तो है। पनिहारिन की बात साधु ने सुन ली। उसने तुरंत पत्थर फेंक […]

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2101, 2017

Sant Vachan

सन्त वचन

भक्त जब एकान्त में बैठता है, तब उसकी दृष्टि में एक भगवान्‌ के सिवाय कुछ नहीं होता। अतः वह भगवत्प्रेम की मादकता में डूबा रहता है। परन्तु जब वह व्यवहार करता है, तब भगवान् संसाररूप से सेव्य बनकर उसके सामने आते हैं। अतः व्यवहार में भक्त अपनी प्रत्येक क्रिया से भगवान्‌ का पूजन करता है।

स्वकर्मणा तमभ्यर्च्य सिद्धिं विन्दति मानवः

पहले पूजक मुख्य होता है, फिर वह पूजा होकर पूज्य में […]

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2101, 2017

Lala Lo Laee Banaay Diya Barasaane Kee Gopinani Ne

लला को लली बनाय दियौ बरसाने की गोपिननि ने

लला को लली बनाय दियौ
बरसाने की गोपिननि ने।

इतते आई रही गोपिननि
उतते सावँरिया गोप सखा संग
जबर पकरि बैठायौ लियौ
बरसाने की गोपिननि ने।

खींच पीताम्बर, चूँदरी ओढ़ाई
बिंदी कजरा माँग सिंदूर, नकबेसर पहराई
चूड़ियाँ कंगना पायल बिछिया
घाघरा कमर में घाल दियौ
बरसाने की गोपिननि ने।

इत फुदकें, उत फुदकें सावँरिया
बच निकरन को फड़कै सावँरिया
छीन मुरलिया, सिर मटकी धरि दई
जौबना […]

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2101, 2017

Kodee Par Daya

कोड़ी पर दया

एक बार श्री गुरु नानक देव जी जगत का उद्धार करते हुए एक गाँव के बाहर पहुँचे और देखा वहाँ एक झोपड़ी बनी हुई थी। उस झोपड़े में एक आदम रहता था, जिसे कुष्ठ का रोग था। गाँव के सारे लोग उससे नफरत करते थे कोई उसके पास नहीं आता था। कभी किसी को दया आ जाती तो उसे खाने के लिए कुछ दे देते। गुरुजी उस कोढ़ी […]

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2101, 2017

Tambe Ka Sikka

तांबे का सिक्का

एक राजा का जन्मदिन था। सुबह जब वह घूमने निकला, तो उसने तय किया कि वह रास्ते मे मिलने वाले पहले व्यक्ति को पूरी तरह खुश व संतुष्ट करेगा। उसे एक भिखारी मिला। भिखारी ने राजा से भीख मांगी, तो राजा ने भिखारी की तरफ एक तांबे का सिक्का उछाल दिया। सिक्का भिखारी के हाथ से छूट कर नाली में जा गिरा। भिखारी नाली में हाथ डाल तांबे […]

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2101, 2017

Jab Shree Raadha Jee Ne Khoee Apanee Mauteesiree

जब श्री राधा जी ने खोई अपनी मौतीसिरी

श्री राधा जी अपनी सखियों के साथ जमुना-पुलिन विचरण विहार करके वापस घर लौट रही हैं,अति सहमी सहमी और उदास सी। इसका कारण है माता के रोष का भय, क्योंकि आज उन्होंने जमुना-पुलिन-वन में अपनी मोतीसिरी ( मोती और हीरो जड़ा गले का हार) खो दी है। जिनसे सारी सृष्टि भय खाती है वही अपनी माता के भय से सहम रही हैं। घर […]

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2101, 2017

Jindagee Ka Ek Vaastavik Anubhav

जिंदगी का एक वास्तविक अनुभव

पढ़ाई पूरी करने के बाद टॉपर छात्र बड़ी कंपनी में इंटरव्यू देने के लिए पहुंचा। छात्र ने पहला इंटरव्यू पास कर लिया। फाइनल इंटरव्यू डायरेक्टर को लेना था। डायरेक्टर को ही तय करना था नौकरी पर रखा जाए या नहीं। डायरेक्टर ने छात्र के सीवी से देख लिया कि पढ़ाई के साथ छात्र एक्स्ट्रा-करिकलर्स में भी हमेशा अव्वल रहा।

डायरेक्टर- “क्या तुम्हे पढ़ाई के दौरान कभी स्कॉलरशिप […]

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2101, 2017

Banke Bihari Ji Ka Prem

बाँके बिहारी जी का प्रेम

एक बार मैं ट्रेन से आ रहा था मेरी साथ वाली सीट पे एक वृद्ध औरत बैठी थी जो लगातार रो रही थी। मैंने बार बार पूछा मईया क्या हुआ, मईया क्या हुआ। बड़ी मिनतो के बाद मईया ने एक लिफाफा मेरे हाथ मे रख दिया। मैंने लिफाफा खोल कर देखा उसमे चार पेड़े, 200 रूपये और इत्र से सनी एक कपड़े की कातर थी।

मैंने मईया […]

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2101, 2017

Chinta Nahin Bhagavat Chintan Kee Aavashyakata Hai

चिन्ता नहीं भगवत्चिंन्तन की आवश्यकता हैँ

जो होनेवाला है, वह होकर ही रहेगा और जो नहीं होनेवाला है वह कभी नहीं होगा, फिर चिन्ता किस बात की ?

संत तुलसीदास जी कहते है
तुलसी भरोसे राम के निर्भय होके सोय |
अनहोनी होनी नहीं होनी हो सो होय ||
भावार्थ : ऐसा होना चाहिये और ऐसा नहीं होना चाहिये – इसमें ही सब दु:ख भरे हुये हैं |

अत: जिन्दगी की डोर सोंप […]

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2101, 2017

Naam Ka Aashray

नाम का आश्रय

वृंदावन की एक गोपी रोज दूध दही बेचने मथुरा जाती थी। एक दिन व्रज में एक संत आये, गोपी भी कथा सुनने गई। संत कथा में कह रहे थे, भगवान के नाम की बड़ी महिमा है, नाम से बड़े बड़े संकट भी टल जाते है। नाम तो भव सागर से तारने वाला है। यदि भव सागर से पार होना है तो भगवान का नाम कभी मत छोडना। कथा […]

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2101, 2017

Aaj Bhi Braj Mein Gopiyon Ko Us Person Ki Pratiksha Hai

आज भी ब्रज में गोपियों को उस परसौं की प्रतीक्षा है

ब्रज गोपियों ने श्री कृष्ण के साथ इतनी गहरी प्रगाढ़ आत्मीयता बाँधी कि कृष्ण प्रेम ही उनका जीवन हो गया। श्री कृष्ण अति नटखट हैं, उन्होंने देखा कि प्रत्येक दृष्टिकोण से विरक्त बेमन की हो जाने के उपरांत भी गोपियों में अभी कण मात्र आसक्ति अभी शेष है, मेरे प्रति। इन्हें मेरी समीपता का ‘सुख’ पसन्द है, ‘सुख’ और भक्ति […]

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2101, 2017

Bhagwan Vishnu Ke Matsya Avatar

भगवान विष्णु का मत्स्य अवतार

मत्स्य पुराण में उल्ले‍ख है कि सत्यव्रत नाम के राजा एक दिन कृतमाला नदी में जल से तर्पण कर रहे थे। उस समय उनकी अंजुलि में एक छोटी सी मछली आ गई। सत्यव्रत ने मछली को नदी में डाल दिया तो मछली ने कहा कि इस जल में बड़े जीव-जंतु मुझे खा जाएंगे। यह सुनकर राजा ने मछली को फिर जल से निकाल लिया और अपने […]

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2101, 2017

Bolie Bhakt Aur Bhagavaan Kee Jay

बोलिए भक्त और भगवान की जय

एक सेठ के पास एक व्यक्ति काम करता था। सेठ उस व्यक्ति पर बहुत विश्वास करता था जो भी जरुरी काम हो वह सेठ हमेशा उसी व्यक्ति से कहता था। वो व्यक्ति भगवान का बहुत बड़ा भक्त था वह सदा भगवान के चिंतन भजन कीर्तन स्मरण सत्संग आदि का लाभ लेता रहता था। एक दिन उस भक्त ने सेठ से श्री जगन्नाथ धाम यात्रा करने […]

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