1607, 2017

Shri Radha Rani Ji Ke Bare Mein Rochak Jankari

श्री राधारानी जी के बारे में रोचक जानकारी
राधारानी हिन्दू धर्म की देवी हैं। हिन्दू धर्म में भगवान श्री कृष्ण के साथ राधारानी जी का ही नाम लिया जाता है। कई लोग मानते हैं कि राधा जी श्री विष्णुजी की अर्धांगिनी देवी श्री लक्ष्मीजी का अवतार हैं। यह बात पद्म पुराण और भविष्यपुराण से जाहिर होती है। राधा-कृष्ण को शाश्वत प्रेम का प्रतीक माना जाता हैं। माना जाता है कि राधा-कृष्ण […]

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2805, 2017

Jeevan Ka Pratyek Chan Molyavan

जीवन का प्रत्येक क्षण मूल्यवान

यह घटना उस समय की है, जब मानव का जन्म भी नहीं हुआ था। विधाता जब सूनी पृथ्वी को देखते, तो उनको उसमे कुछ न कुछ कमी नजर आती थी और वह दिन-रात सोच में पड़े रहते थे। आखिरकार विधाता ने चंद्रमा से मुस्कान ली, गुलाब से सुगंध, अमृत से माधुरी, जल से शीतलता, अग्नि से तपिश और पृथ्वी से कठोरता और फिर मिट्टी का एक […]

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905, 2017

Yah Hai Ram Naam Ki Mahima

यह है राम नाम की महिमा

एक संत रास्ते पर राम का नाम जपते हुऐ जा रहे थे। चलते चलते राम धुन में वह इतना खो गये की वो घने जंगल में जा पहुँचे। जंगल मे बरगद के पेड के नीचे कुछ लोग मदमस्त होकर नाच रहे थे। संत को देख उनका मुखिया बोला रे मानव क्या तुझे अपने प्राणों का जरा सा भी मोह नहीं जो तु चला आया , […]

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2604, 2017

Charan Darshan of Thakur Shri Banke Bihari on Akshaya Tritiya

बोलो बाँके बिहारी लाल की जय

29 अप्रैल 2017 को ठाकुर श्री बाँके बिहारी जी महाराज के श्री चरण के दर्शन होंगे। सुबह में ठाकुर जी के श्री चरण के दर्शन होंगे और शाम को ठाकुर जी के सर्रवानग दर्शन होंगे शाम को ठाकुर जी केवल सानिया ( धोती ) पहनते है। आज के दिन ठाकुर जी के श्री चरण में चंदन का गोला बनाकर रखा जाता है ओर साथ ही […]

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1804, 2017

Mahaganapati

महागणपति
भगवान श्री गणेश जी के सभी आठ प्रमुख मंदिरों में से एक महागणपति जी का मंदिर भी है। यह मंदिर पुणे के रांजणगांव में स्थित है। श्री महागणपति जी का मंदिर पुणे अहमदनगर राजमार्ग पर 50 किलोमीटर की दूरी पर है। महागणपति जी मंदिर का इतिहास 9वीं व 10वीं सदी के बीच का जाना जाता है। महागणपति जी के मंदिर का प्रवेश द्वार कि बहुत विशाल और सुन्दर है। भगवान […]

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1404, 2017

Bhaav Se Vrat Upavaas Karo

भाव से व्रत-उपवास करो

एक राजा के आदेश पर उसकी सारी प्रजा एकादशी का व्रत रखती थी। राजा ने अपने राज्य में घोषणा करा रखी थी कि कोई भी व्यक्ति एकादशी के दिन भोजन नहीं करेगा। सभी को फलाहार करके रहना होगा। राज्य में बड़ा कठोर नियम लागू था। राजा के आदेश पर पशुओं को भी एकादशी को चारा नहीं दिया जाता था। वैसे राजा दुष्ट नहीं था। एक महात्मा ने […]

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2603, 2017

Aap Krpa Karake Mujhe Sansaar Bandhan Se Chhudao

आप कृपा करके मुझे संसार बन्धन से छुड़ाओ

किसी राजा ने संत कबीर जी से प्रार्थना की किः “आप कृपा करके मुझे संसार बन्धन से छुड़ाओ।”
कबीर जी ने कहाः “आप तो धार्मिक हो… हर रोज पंडित से कथा करवाते हो, सुनते हो…”
“हाँ महाराज ! कथा तो पंडित जी सुनाते हैं, विधि-विधान बताते हैं, लेकिन अभी तक मुझे भगवान के दर्शन नहीं हुए हैं… अपनी मुक्तता का अनुभव नहीं हुआ। आप […]

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2403, 2017

Navartri Ke Navami Din Mata Siddhidatri Roop Ki Pooja

नवरात्री के नवमी दिन माता सिद्धिदात्री रूप की पूजा

नवरात्री की नवमी दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा विधि

सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि |
सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी ||

सिद्धिदात्री स्वरूप

नवरात्र-पूजन के नौवें दिन माँ सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। नवमी के दिन सभी सिद्धियों की प्राप्ति होती है। सिद्धियां हासिल करने के उद्देश्य से जो साधक भगवती सिद्धिदात्री की पूजा कर रहे हैं उन्हें नवमी के दिन इनका पूजन अवश्य करना चाहिए।

सिद्धि और मोक्ष […]

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2303, 2017

Bansuri Ki Dhun

बाँसुरी की धुन

इटली में मुसोलिनी के यहाँ भारत के प्रतिनिधि के रूप में ओंकारनाथ गये थे। मुसोलिनी ने उन्हें भोजन दिया। भोजन करते समय वार्तालाप के दौरान मुसोलिनी ने ओंकारनाथ से प्रश्न किया, “तुम्हारे भारत में ऐसा क्या है कि एक ग्वाला गायों के पीछे जाता है और बाँसुरी बजाता है तो लोग उसे देखकर आनन्दविभोर हो जाते हैं? भारत के लोग उसके गीत गाते नहीं थकते और प्रति […]

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1903, 2017

Adhura Kaam Ko Poora Karne Ke Liye Prabhu Khud Aa Jaate Hai

अधूरा काम को पूरा करने के लिए प्रभु खुद आ जाते है।

श्रीजयदेव जी भगवान श्रीकृष्ण के प्रेमी भक्त थे। आपके हृदय में श्रीकृष्ण प्रेम हिलोरें लेता रहता था। उसी प्रेम के ओत-प्रोत होकर आपने अमृत-रस के समान ‘गीत-गोविन्द’ नामक ग्रन्थ की रचना करनी प्रारम्भ की। ऐसे में एक दिन मान-प्रकरण में आप, स्वयं भगवान श्रीकृष्ण श्रीमती राधा – रानी के पैर पकड़ेंगे, इस बात को लिखने का साहस नहीं कर […]

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1603, 2017

Is Moolyavan Jeevan Ko Samajhe

इस मूल्यवान जीवन को समझे

एक हीरा व्यापारी था जो हीरे का बहुत बड़ा विशेषज्ञ माना जाता था। किन्तु गंभीर बीमारी के चलते अल्प आयु में ही उसकी मृत्यु हो गयी। अपने पीछे वह अपनी पत्नी और बेटा छोड़ गया। जब बेटा बड़ा हुआ तो उसकी माँ ने कहा – “बेटा , मरने से पहले तुम्हारे पिताजी ये पत्थर छोड़ गए थे , तुम इसे लेकर बाज़ार जाओ और इसकी कीमत […]

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1103, 2017

Kaliyug Mein Shravan Bhakti Ka Mahatv

कलियुग में श्रवण भक्ति का महत्व

वैसे तो रामचरितमानस में नवधा(9) भक्ति बताई गई है। लेकिन मैं आज आपको 1 श्रवण भक्ति के बारे में बताना चाहुँगी।

श्रवण का अर्थ सुनना होता है और यही भक्ती की पहली सीढ़ी भी होती है ,जब हमें ईश्वर के बारे में जानने और सुनने की जिज्ञासा हो और उनकी कथा सुनने में जब हमें आनन्द आने लगे तो समझ जाना चाहिए कि हमने भक्ती की […]

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903, 2017

Tote Ki Chonch Se Seekh

तोते की चोंच से सीख

पट्टू तोता बड़ा उदास बैठा था. माँ ने पुछा, क्या हुआ बेटा तुम इतने उदास क्यों हो? पट्टू लगभग रोते हुए बोला – मैं अपनी इस अटपटी चोंच से नफरत करता हूँ..!! माँ ने समझाने की कोशिश की तुम अपनी चोंच से नफरत क्यों करते हो..?? इतनी सुन्दर तो है..! पट्टू उदास बैठ गया. नहीं, बाकी सभी पक्षियों की चोंच कहीं अच्छी है. बिरजू बाज, कालू […]

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403, 2017

Chabi Ki Tarah Dil Aur Man Ko Chuo

चाबी की तरह दिल और मन को छुओ

किसी गाँव में एक ताले वाले की दुकान थी। ताले वाला रोजाना अनेकों चाबियाँ बनाया करता था। ताले वाले की दुकान में एक हथौड़ा भी था| वो हथौड़ा रोज देखा करता कि ये चाभी इतने मजबूत ताले को भी कितनी आसानी से खोल देती है। एक दिन हथौड़े ने चाभी से पूछा कि मैं तुमसे ज्यादा शक्तिशाली हूँ, मेरे अंदर लोहा भी तुमसे […]

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303, 2017

Ishwar Ka Koi Karya Yuhi Ya Vyarth Mein Hi Nahi Hota

ईशवर का कोई कार्य युहीं या व्यर्य में ही नहीं होता

चक्रवती भरत के जीवन की एक घटना है कि, एक दिन विप्र देव ने उनसे पूछा- महाराज आप वैरागी है तो महल में क्यों रहते हैं? आप महल में रहते हैं तो वैरागी कैसे? मोह, माया, विकार, वासना के मध्य आप किस तरह के वैरागी है? क्या आपके मन में कोई मोह, पाप, विकार और वासना के कोई भाव नही […]

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2702, 2017

Mathura Vrindavan Barsana And Duaji Holi Festival 2017 Dates

मित्रों ब्रज की विश्व व्यख्यात् लठामार होली का ढाडा 1 फरवरी ( बसंत पंचमी ) 2017 को गढ गया है। 1 फरवरी यानि बसंत पंचमी से पुर ब्रज में होली महोत्सव शुरू हो चुका है। ब्रज के समस्त मन्दिरों में और ब्रज के गाँवों में व समस्त ब्रज में होली का रंग बरसना शुरू हो चुका है। पुरे विश्व में होली की शुरूआत ब्रज के बाबा बृषभानु के निज गाँव […]

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2602, 2017

Kya Hamare Kanhaiya Koi Jadu Tona Janate Hain

क्या हमारे कन्हैया कोई जादू टोना जानते हैं

“दाऊ भैया आपको ज्ञात है, क्या हमारे कन्हैया कोई जादू टोना जानते हैं। इनकी ओर सब इतने आकर्षित क्यों रहतें हैं?” कन्हैया के मित्र मनसुखा ने श्री कृष्ण को स्नेह भरी दृष्टि से निहारते हुये अति कौतुहल से पूछा। “नहीं मनसुखा जादू टोना नहीं, इस नटखट कन्हैया के पास कोई विद्या है जिससे यह सबका मन मोह लेता है”- बलराम जी ने अपने […]

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2602, 2017

Dhan Ka Vyarth Sanchay Na Karo

धन का व्यर्थ संचय न करो

किसी नगर में एक धनवान व्यक्ति रहता था। उसके पास अपार भू-सम्पति थी। परंतु वह बेहद कंजूस था। पदार्थों में सबसे कीमती पदार्थ सोना तो उसे बेहद प्रिय था। सोने की यह प्यास उसमें इतनी बढ़ी कि उसने अपनी जमीन जायदाद बेचकर सोने के सिक्के खरीद लिए। उसने सभी सोने के सिक्कों को एक संदूक में भर लिया। इसके बाद रात के अंधेरे में उसने […]

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1602, 2017

Man Ka Anand Antarik Saundary

मन का आंनद आंतरिक सौन्दर्य

एक बार इंद्र अपने दरबार में सभी देवताओं के साथ बैठे पृथ्वी की स्थिति पर चर्चा कर रहे थे। पृथ्वी के जीवन, वहां की समस्यओं व मांगों के विषय में सभी अपने अपने विचार रख रहे थे। इंद्र का आग्रह था कि पृथ्वी के जीवन के विषय में उन्हें सही विषयवस्तु का ज्ञान हो जाए तो वे सुधार की दिशा में कुछ सकारात्मक कदम उठाएं। देवताओं […]

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1002, 2017

Karma Bai Ka Prem

कर्मा बाई का प्रेम
कर्मा बाई जी कोई भी काम करते समय भगवान के नामो का उच्चारण करती रहती थी। उनका हर काम भगवान के लिए ही होता था। वे यदि कंडे भी थापती थी तो भी भगवान का गान करती रहती थी। एक बार उनके कंडे किसी ने चोरी कर लिए, ये जानकर उन्हें बड़ा दुःख हुआ। तब किसी ने कहा – हम घर घर जाकर लोगो से पूँछेगे, हम […]

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